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Putin और PM Modi की दोस्ती हिट, बगल में देखते रहे Shehbaz Sharif | PM Modi in China | SCO Meeting

Mon, 01 Sep 2025 12:49 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

चीन में हो रहे तियानजिन शिखर सम्मेलन के दौरान अनोखा और दिलचस्प नजारा देखने को मिला है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बात करते हुए जा रहे हैं और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उन्हें देख रहे होंगे। जियो-पॉलिटिक्स की दुनिया में इस वीडियो ने तूफान मचा दिया है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस बार का एससीओ समिट का हाईलाइट प्रधाननमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन का चीन दौरा है। प्रधानमंत्री मोदी करीब सात साल के बाद चीन पहुंचे हैं, जबकि रूसी राष्ट्रपति चार दिनों के दौरे पर चीन में हैं। इस एससीओ शिखर सम्मेलन का आयोजन उस वक्त किया गया है, जब मई में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष हुआ था और चीन ने पाकिस्तान की मदद की थी। वहीं, दूसरी बड़ी बात ये है कि डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर लगाए 50 प्रतिशत टैरिफ के बीच ये शिखर सम्मेलन हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एससीओ शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र से पहले कुछ समय साथ बिताया। इस दौरान तीनों ही नेता एक-दूसरे से हल्के फुल्के अंदाज में हंसी मजाक करते नजर आए। इस दौरान तीनों नेता हंसी ठहाके लगाते दिखाई दिए। इसके बाद पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन एक साथ मंच की ओर चले गए। इस दौरान दोनों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सामने से निकले, जो पहले से ही मंच पर फोटो सेशन के लिए खड़े थे। इस दौरान शहबाज की नजरें पीएम मोदी और पुतिन पर ही टिकी हुई थीं। उनके चेहरे से बेबसी के भाव साफ जाहिर हो रहे थे।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ नेताओं के शिखर सम्मेलन से इतर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने अक्तूबर 2024 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर कजान में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति और निरंतर प्रगति का स्वागत किया।

दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश विकास साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं और उनके मतभेद विवादों में नहीं बदलने चाहिए। उन्होंने भारत और चीन के बीच आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता पर आधारित एक स्थिर संबंध और सहयोग का आह्वान किया। दोनों ही नेता इस बात एकमत हुए कि दोनों देशों के अच्छे संबंध विकास और प्रगति के साथ-साथ 21वीं सदी के रुझानों के अनुरूप एक बहुध्रुवीय विश्व और बहुध्रुवीय एशिया के लिए आवश्यक है।

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