बिहार के पूर्णिया जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के टेटगामा गांव से हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां डायन का आरोप लगाकर एक ही परिवार के पांच लोगों को बुरी तरह पीटा गया और फिर जिंदा जलाकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना से सनसनी मच गई है। सभी आरोपी गांव छोड़कर फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। दरअसल गांव के ही रामदेव उरांव के पुत्र की गांव में झारफुक और इलाज के दौरान तीन दिन पहले मौत हो गई और दूसरे बच्चे की भी तबीयत बिगड़ रही थी। गांव के लोगों ने इस मौत की वजह उक्त परिवार में डायन का होना बताया और इसी आरोप में एक ही परिवार के पांच लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। मृतकों के नाम बाबूलाल उरांव, सीता देवी, मनजीत उरांव, रनिया देवी और तपतो मोसमत बताया गया है। यह सब एक ही परिवार के हैं।
घटना के बाद इलाके में दहशत व्याप्त है। गांव के लोग घर छोड़कर चले गए हैं। वहीं मौके पर पुलिस गश्त कर रही है और डॉग स्क्वायड एवं एफएलसी की टीम पहुंचकर जांच कर रही है। इस मामले में एक शख्स नकुल कुमार की पुलिस ने गिरफ्तारी की है। नकुल पर आरोप है कि उसने जिंदा जलाने के लिए लोगों को उकसाने का काम किया । वहीं पूर्णिया के डीआईजी प्रमोद कुमार मंडल ने बताया , "यह एक वीभत्स घटना है। कोई भी यकीन नहीं कर सकता कि 21वीं सदी में ऐसी घटना हो सकती है
। रामदेव महतो के परिवार में एक बच्चा बीमार था। उन्होंने उसे ठीक करने के लिए उन पर दबाव बनाया, जब बच्चा ठीक नहीं हुआ तो पांचों की मौके पर ही हत्या कर दी गई। सुबह शवों को बोरे में भरकर ट्रैक्टर में लादकर तालाब में फेंक दिया गया। दो मुख्य आरोपियों और ट्रैक्टर मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है। हम विशेष छापेमारी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा...घटना स्थल पर 40-50 लोग मौजूद थे। हमारे पास एक चश्मदीद गवाह है, वह पीड़ित परिवार का ही बच्चा है। उसका बयान दर्ज कर लिया गया है...सख्त कार्रवाई की जाएगी।" वहीं मृतक के परिवार में बचे एक मात्र वारिस ललित ने बताया कि पूरे परिवार को डायन का आरोप लगाकर पहले निर्ममता से पीटा गया और फिर पीट पीट कर जिंदा जला दिया। किसी तरह हम जान बचाकर वहां से भाग निकले। ललित ने बताया कि जलाकर सबको पानी में फेंक दिया गया। ललित भी घटना के बाद सहमा हुआ है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।