पंजाब में बाढ़ की वजह से भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी हालात बेहद खराब हो चुके हैं। इंटनरनेशन बॉर्डर के 110 किमी से अधिक फेसिंग (बाड़) क्षतिग्रस्त हो चुकी है और सरहद पर बनी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 90 चौकियां पानी में डूब चुकी हैं। गुरुवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमृतसर का दौरा किया था। केंद्रीय मंत्री बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए ट्रैक्टर से पहुंचे थे। बाढ़ के बीच शिवराज सिंह चौहान कमर कस कर पानी में ही उतर गए। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं।
बता दें कि पंजाब में बाढ़ महाविनाश का कारण बन रही है। बाढ़ से अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 जिलों के 1902 से अधिक गांव पानी की चपेट में हैं, जिससे 3.84 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। गांवों में बाढ़ग्रस्त लोगों और प्रशासन के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रभावित गांवों में एक-एक गजटेड अफसर नियुक्त करने के आदेश दिए हैं। प्रभावित लोग इन अधिकारियों के साथ अपनी समस्याएं साझा कर सकेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि पंजाब के पांच जिलों में बाढ़ के कारण हुई क्षति को लेकर केंद्र सरकार चिंतित है। इसी लिए प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने क्षति का जायजा लेने के लिए उन को पंजाब भेजा है। वीरवार को अमृतसर पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरान किया। उन्होंने रावी दरिया से अजनाला के गांव घोनेवाला में हुई क्षति का जायजा लिया। वे बाढ़ पीड़ित लोगों से भी मिले। इस दौरान कृषि मंत्री ने पानी में उतरकर स्थिति का जायजा लिया।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जम्मू और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में आई भीषण बाढ़ के कारण भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (इंटरनेशनल बॉर्डर) पर 110 किलोमीटर से अधिक बाड़ (फेसिंग) क्षतिग्रस्त हो गई है और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की लगभग 90 चौकियां जलमग्न हो गई हैं।