पंजाब के अमृतसर के गांव लोधी गुज्जर की गलियों और घरों में घुटनों तक पानी जमा है। रावी के कहर ने यहां के लोगों की जिंदगी को गहरे जख्म दिए हैं। इसके पानी ने लोगों के सपने डुबो दिए हैं।
पानी का स्तर भले ही चार फीट से घटकर दो फीट पर आ गया हो लेकिन मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। बाढ़ का पानी शायद कुछ दिनों में उतर जाएगा लेकिन बर्बादी के निशान और लोगों दिलों में खौफ मिटने में वर्षों लग जाएंगे।
यहां के लोगों को अब सिर्फ राहत सामग्री नहीं, बल्कि एक मजबूत सहारे की जरूरत है। गांव की टूटी सड़कें, घरों का बिखरा मलबा और दीवारों पर पानी के गहरे निशान भयावह सपने जैसा है।