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PM Modi On West Bengal Divas: पश्चिम बंग दिवस पर PM मोदी के बयान पर भड़की TMC दिया ये जवाब!

Sun, 21 Jun 2026 04:00 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

पश्चिम बंग दिवस के अवसर पर हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के इतिहास, विकास और राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तार से अपनी बात रखी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और देश की प्रगति में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल ने भारत को अनेक महान विचारक, संत, साहित्यकार और स्वतंत्रता सेनानी दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है और आने वाले समय में पश्चिम बंगाल देश के विकास में और भी बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश की आजादी के समय कुछ शक्तियां बंगाल को पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में बंगाल के लोगों ने अपने संघर्ष और संकल्प के बल पर अपनी पहचान और अस्तित्व की रक्षा की थी। पीएम मोदी ने जनसभा में मौजूद लोगों से आह्वान किया कि वे संकल्प लें कि इतिहास की गलतियों को दोबारा नहीं दोहराया जाएगा और राज्य के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस, वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राजनीतिक दलों ने अलग-अलग समय में शासन करते हुए पश्चिम बंगाल को अपेक्षित विकास से वंचित रखा और राज्य की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता अब बदलाव और विकास चाहती है तथा केंद्र सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बुनियादी ढांचे, रोजगार, उद्योग और सामाजिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र की नीतियों का लाभ पश्चिम बंगाल के लोगों तक पहुंच रहा है।

वहीं प्रधानमंत्री के बयान पर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार बंगाल के लोगों को स्वच्छ हवा और सम्मान दे सके तो यह अच्छी बात होगी। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग भावुक स्वभाव के होते हैं और सम्मान को बहुत महत्व देते हैं। मदन मित्रा ने आरोप लगाया कि राज्य में टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लगातार हिंसा और गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर शांति और सौहार्द की बातें की जाती हैं, जबकि दूसरी ओर टीएमसी नेताओं पर ईंट-पत्थरों से हमले होते हैं, जो चिंताजनक है। उनके अनुसार इस तरह की घटनाएं राजनीतिक माहौल को खराब करती हैं और शांति के दावों पर सवाल खड़े करती हैं। प्रधानमंत्री और टीएमसी नेताओं के बीच इस बयानबाजी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है, जहां आगामी राजनीतिक समीकरणों और विकास के मुद्दों पर बहस तेज होती दिखाई दे रही है।

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