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Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर भाजपा- कांग्रेस में छिड़ी सियासी जंग!

Sat, 16 May 2026 04:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर दिए गए बयान पर कहा,'राहुल गांधी हमेशा की तरह बेख़बर विपक्ष के नेता की तरह बात कर रहे हैं जिसके पास न ज्ञान है न कोई सूचना है। दुनिया की 10 बड़ी अर्थव्यवस्थाएं जिसमें भारत चौथे नंबर पर है अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों 44.5% की बढ़ोतरी है चीन में 21.7 और जर्मनी में 13.7, यूके में 19.2, फ्रांस में 20.9 और डीजल में भी इतना करीब-करीब बढ़ोतरी हुई है और भारत में 3% की बढ़ोतरी हुई है यानी भारत में दुनिया की औसत से 7 गुना कम दाम बढ़े पेट्रोल में और 8 गुना कम दाम बढ़े डीजल में। राहुल गांधी को ये चीज़े समझ नहीं आती हैं.आप एक जानकार नागरिक की तरह बात करो और आपके जो ट्वीट और रिसर्च करते हैं  उनको तुरंत बर्खास्त करिए क्योंकि वो आपको गलत सूचना देते हैं

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर राजनीति तेज हो गई है। ईंधन की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर Bharatiya Janata Party और Indian National Congress के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का असर भारत पर भी पड़ता है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार टैक्स के जरिए जनता से भारी वसूली कर रही है और आम आदमी महंगाई से परेशान है। कई कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सरकार को घेरते हुए कहा कि चुनाव के समय सस्ते ईंधन के वादे किए गए थे, लेकिन अब लगातार कीमतें बढ़ रही हैं।

वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण पेट्रोल और डीजल की दरें प्रभावित होती हैं। भाजपा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पहले कई बार एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर लोगों को राहत दी है। पार्टी का दावा है कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ के लिए महंगाई का मुद्दा उठा रहा है।

इस मुद्दे पर दोनों दलों के प्रवक्ताओं के बीच टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर भी तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। आम जनता के बीच भी ईंधन की कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं, क्योंकि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से रोजमर्रा के खर्चों पर असर पड़ता है। आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो आने वाले समय में महंगाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर सियासी घमासान जारी है और दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगा रहे हैं।
 

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