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Petrol-Diesel Price Hike : पेट्रोल-डीजल के फिर बढ़े दाम केन्द्र सरकार के खिलाफ पूरा विपक्ष लामबंद!

Sat, 23 May 2026 08:01 PM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

शिवसेना UBT नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर कहा, "चुनाव में लोगों को कहा गया कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। जैसे ही चुनाव खत्म हुए लगातार तेल की कीमतें बढ़ती जा रही है.सरकार ने जो तैयारी होनी चाहिए थी वो नहीं की।"

समाजवादी पार्टी सांसद रामजी लाल सुमन ने पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती कीमतों पर कहा, "पिछले 5-6 दिनों में 2 बार पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़े हैं.चुनाव के कारण इन्होंने उस समय दाम नहीं बढ़ाए लेकिन चुनाव के तत्काल बाद यह आशंका जताई जा रही थी कि पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ेंगे.इनकी गलत नीतियों के कारण देश में पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ रहे हैं और आगे कीमतों के और बढ़ने की आशंका है।"

देशभर में महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में दोबारा बढ़ोतरी कर दी है, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। पिछले 10 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में करीब पांच रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा दर्ज किया गया है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने परिवहन लागत बढ़ा दी है, जिसका असर अब खाने-पीने की वस्तुओं, सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है।

तेल कंपनियों की ओर से की गई इस बढ़ोतरी के बाद देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है, जबकि डीजल की कीमतों में भी लगातार उछाल देखा जा रहा है। वहीं सीएनजी के दाम बढ़ने से ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक परिवहन का खर्च भी बढ़ गया है। इसका सबसे अधिक असर मध्यम वर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनकी मासिक आय का बड़ा हिस्सा अब ईंधन और परिवहन पर खर्च होने लगा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, वैश्विक तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी की वजह से ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है और सरकार को टैक्स में राहत देकर लोगों को कुछ राहत पहुंचानी चाहिए।

दूसरी ओर सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है और तेल कंपनियां बाजार के हिसाब से दरें तय कर रही हैं। लेकिन आम लोगों के लिए बढ़ती महंगाई चिंता का विषय बन चुकी है। कई शहरों में लोगों ने पेट्रोल पंपों पर बढ़ती कीमतों को लेकर नाराजगी जताई है। यदि आने वाले दिनों में कीमतों में और बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर देश की अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं की जेब दोनों पर और अधिक पड़ सकता है।

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