पठानकोट की मशहूर 'रोज-सेंटेड' लीची आज अंतरराष्ट्रीय राजनीति की शिकार हो गई है। साल 2026 में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और खाड़ी संकट ने इसके निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। कतर, दुबई और सऊदी अरब जैसे बाज़ारों में जाने वाली लीची अब स्थानीय मंडियों में कौड़ियों के भाव बिकने को मजबूर है। देखिए कैसे एक विदेशी जंग ने पठानकोट के बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जिसको लेकर किसानों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।