संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, द्रमुक (DMK) ने सरकार को समर्थन देने के संकेत दिए हैं, लेकिन बदले में सभी राज्यों में आनुपातिक आधार पर 50 फीसदी लोकसभा सीटें बढ़ाने की शर्त रखी है। हालांकि, द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा ने किसी भी समझौते से इनकार करते हुए कहा कि दक्षिण भारत के हितों से समझौता नहीं होगा और पार्टी सरकार से अधिक स्पष्टता चाहती है। दो तिहाई बहुमत के लिए सरकार को 363 वोटों की जरूरत है।