फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan Afghanistan War: पाकिस्तान-तालीबान में फिर होगी बात, अब क्या है प्लान? | World

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 31 Oct 2025 11:27 AM IST

Pakistan Afghanistan के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी तनाव आखिरकार एक नई दिशा में बढ़ता दिख रहा है। खबरों की मानें तो अब दोनों देशों के बीच हालिया बैठक के बाद नतीजा न निकलने पर दोनों देशों के बीच हुई गोलीबारी, सीमा संघर्ष और लगातार बढ़ती दुश्मनी पर अब एक ऐसी उम्मीद जगी है जो दक्षिण एशिया में स्थिरता की नई कहानी लिख सकती है। इस कदम को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देश 6 नवंबर को फिर से इस्तांबुल में उच्च-स्तरीय बैठक करेंगे, जहां युद्धविराम लागू करने की रूपरेखा पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बयान में कहा गया सभी पक्ष एक निगरानी और सत्यापन तंत्र पर सहमत हुए हैं, जिससे शांति बनाए रखने और उल्लंघन करने वाले पक्ष पर दंड लगाने की व्यवस्था की जाएगी। हाल के दिनों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया था।

दनों देशों की सेनाओं के बीच हुई गोलीबारी में दर्जनों सैनिकों और नागरिकों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद तुर्की और कतर ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए एक बार फिर टेबल पर लाने का प्रयास किया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने बताया कि कतर और तुर्की के आग्रह पर पाकिस्तान ने शांति प्रक्रिया को एक और मौका देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की मुख्य मांग है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए न होने दे।इस महीने की शुरुआत में काबुल में हुए विस्फोटों के बाद अफगान तालिबान सरकार ने पाकिस्तान पर हवाई हमलों का आरोप लगाया था। अफगान पक्ष का कहना था कि पाकिस्तान ने उसके पूर्वी बाजार पर भी बमबारी की, जिसमें कई नागरिक मारे गए। इसके जवाब में, अफगान बलों ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की और दावा किया कि 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। हालांकि पाकिस्तान ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि उसके 23 सैनिक मारे गए और अभियान आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया गया था।

 

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें