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OP Rajbhar on Samajwadi Party Split: TMC Split के बाद अब टूटेगी Akhilesh की समाजवादी पार्टी? UP News

Wed, 17 Jun 2026 03:26 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को लेकर ऐसा दावा किया है, जिसने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राजभर ने कहा है कि महाराष्ट्र की तरह अब उत्तर प्रदेश में भी बड़ी राजनीतिक टूट देखने को मिल सकती है और अगला नंबर यूपी का है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जब कोई बिकने के लिए तैयार होता है, तभी उसे खरीदा जाता है। उन्होंने बिना नाम लिए इशारों-इशारों में समाजवादी पार्टी के अंदर असंतोष और संभावित टूट की ओर संकेत किया। राजभर का दावा है कि सपा के वरिष्ठ नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक गुप्त पत्र भेजा है। इस पत्र में कुछ नेताओं के नाम देकर उन्हें अपने साथ ले जाने और खुद को सुरक्षित रखने की बात कही गई है।

हालांकि, राजभर के इस दावे को लेकर अभी तक न तो रामगोपाल यादव की ओर से कोई प्रतिक्रिया आई है और न ही भाजपा या गृह मंत्रालय की तरफ से किसी तरह की पुष्टि की गई है। लेकिन राजभर के आरोपों ने प्रदेश की सियासत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या समाजवादी पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है? क्या विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी खेमे में बड़ी टूट की तैयारी चल रही है? इन सवालों पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

यहीं नहीं, ओम प्रकाश राजभर ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि अवैध खनन मामले में सीबीआई ने अखिलेश यादव का नाम दर्ज किया है। इसके साथ ही उन्होंने गोमती रिवरफ्रंट परियोजना का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि आखिर इतने बड़े घोटाले के मामले में अब तक कोई जेल क्यों नहीं गया।

राजभर के बयान ऐसे समय में आए हैं, जब उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे गति पकड़ रही हैं और सभी राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। ऐसे में सपा में संभावित टूट और विपक्षी एकता पर उठे सवाल चुनावी राजनीति को नया मोड़ दे सकते हैं।

फिलहाल, ओम प्रकाश राजभर के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उनके बयान ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की सियासत आने वाले दिनों में और ज्यादा गरमाने वाली है। अब सबकी निगाहें समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हैं।

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