उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओ.पी. राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी पर झूठी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी "झूठ बोलने का ठेका ले चुकी है" और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। राजभर ने दावा किया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक मंडल में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर और श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल की कल्पना भी समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं कर सकती थी। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं ऑस्ट्रेलिया में पढ़े हैं, इसलिए उन्हें प्रदेश के सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का ज्ञान नहीं है।
राजभर ने सलाह दी कि अखिलेश यादव कन्नौज के किसी प्राथमिक विद्यालय का दौरा करें, जहां उन्हें समाजवादी पार्टी के शासनकाल और वर्तमान सरकार के कार्यकाल के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने दावा किया कि पहले सरकारी विद्यालयों में संसाधनों की कमी, अव्यवस्था और भय का माहौल था, जबकि वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है और विद्यार्थी निर्भीक होकर पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में परीक्षाओं में नकल एक सामान्य बात थी और नकल कराने के लिए पैसे लिए जाते थे। साथ ही उन्होंने कहा कि उस समय सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार व्याप्त था तथा धनबल के आधार पर अयोग्य लोगों को नौकरी मिल जाती थी, जबकि योग्य अभ्यर्थी आर्थिक संसाधनों के अभाव में अवसरों से वंचित रह जाते थे। इसके विपरीत उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने अब तक 9 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से दी हैं। उनका दावा था कि कोई भी व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि उसे नौकरी पाने के लिए रिश्वत देनी पड़ी। राजभर ने कहा कि यही एनडीए सरकार और समाजवादी पार्टी की सरकार के बीच सबसे बड़ा अंतर है। उल्लेखनीय है कि ये सभी दावे और आरोप ओ.पी. राजभर के राजनीतिक बयान हैं, जिन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग मत हो सकते हैं।