देश में "वन नेशन, वन इलेक्शन" को लेकर बहस फिर तेज हो गई है। जेपीसी अध्यक्ष और भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने दावा किया है कि अगर संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी हुई तो 2029 में लोकसभा और राज्यों की विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं। उनका कहना है कि इससे सरकारी खर्च कम होगा, विकास कार्यों में बाधा नहीं आएगी और चुनावी प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।
हालांकि विपक्ष इस प्रस्ताव को संघीय ढांचे के लिए चुनौती बता रहा है, लेकिन पीपी चौधरी का कहना है कि राज्यों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। समिति चुनाव आयोग, विशेषज्ञों और राजनीतिक दलों से सुझाव लेकर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या 2029 तक इस महत्वाकांक्षी योजना पर राजनीतिक सहमति बन पाती है।