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Nimisha Priya Case: केरल की नर्स निमिषा की फांसी टली! इस मुस्लिम धर्मगुरु का क्या था रोल

वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम Updated Tue, 15 Jul 2025 02:26 PM IST

यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की फांसी होनी थी। निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को यमनी नागरिक की हत्या के आरोप में 16 जुलाई को फांसी दी जानी थी। लेकिन अब निमिषा की फांसी टल गई है। केरल की रहने वाली नर्स निमिषा प्रिया को यमन में फांसी से बचाने के लिए भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद (कांथापुरम मुसलियार) ने मोर्चा संभाल लिया है। 94 वर्षीय मुस्लिम धर्मगुरु यमन के धार्मिक नेताओं के लगातार संपर्क में हैं और शरिया कानून के तहत ब्लड मनी यानी मुआवजे के विकल्प पर जोर दिया जा रहा है। निमिषा पर अपने यमनी बिजनेस पार्टनर की हत्या का आरोप है, जिसके लिए उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी। गौरतलब है कि केरल के पालक्काड जिले की रहने वाली निमिषा प्रिया यमन में बतौर नर्स काम कर रही थीं। इसके बाद 2017 में उनके ऊपर अपने ही बिजनेस पार्टनर की हत्या का आरोप लगा। इसी आरोप के चलते साल 2020 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। मौत की सजा से बचने के लिए निमिषा की अंतिम अपील 2023 में खारिज हो चुकी है और 16 जुलाई को फांसी तय थी

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