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National Herald Case: सोनिया गांधी, राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नई FIR।

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Sun, 30 Nov 2025 11:03 AM IST

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक नई एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने नेशनल हेराल्ड केस में एक नई एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर डिटेल्स में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के अलावा छह नाम शामिल हैं। ईडी मुख्यालय द्वारा ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज करने के बाद एफआईआर रजिस्टर की गई।इस एफआईआर में आपराधिक साजिश रचकर कांग्रेस से जुड़ी कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर धोखाधड़ी से कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। ईडी ने अपनी जांच रिपोर्ट दिल्ली पुलिस के साथ साझा की थी, जिसमें पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत अनुसूचित अपराध दर्ज करने की सिफारिश की गई। आरोप है कि यंग इंडियन नाम की कंपनी के जरिए एजेएल की करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति पर नियंत्रण हासिल किया गया। एफआईआर में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा सैम पित्रोदा (इंडियन ओवरसीज कांग्रेस प्रमुख), तीन अन्य व्यक्ति और तीन कंपनियों के भी नाम हैं।

Dotex कोलकाता की कथित शेल कंपनी है, जिसने यंग इंडियन को एक करोड़ रुपये दिए थे। इस लेन-देन से यंग इंडियन ने कांग्रेस को मात्र 50 लाख रुपये देकर एजेएल पर कब्जा कर लिया, जहां संपत्ति का मूल्यांकन 2,000 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला फिर टाल दिया। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने अब यह आदेश 16 दिसंबर को सुनाएंगे। ईडी ने इस केस में पीएमएलए के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को आरोपी बनाया है।एजेंसी का आरोप है कि नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) से जुड़ी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। पिछली सुनवाई में ईडी के वकील ने कोर्ट से कहा था कि सभी आरोपी अपना जवाब दाखिल करें लेकिन आरोपी पक्ष के कुछ वकीलों ने इसका विरोध किया। केस के बड़े रिकॉर्ड को देखने के लिए और समय मांगा। इससे पहले कोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस देकर कहा था कि संज्ञान लेने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। अदालत ने नए आपराधिक कानून बीएनएसएस की धारा 223 का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी को इस स्तर पर भी सुना जाना फेयर ट्रायल के लिए जरूरी है। कोर्ट ने साफ किया कि यह प्रावधान पीएमएलए से टकराता नहीं है और पारदर्शिता को बढ़ाता है। अब अदालत 16 दिसंबर को यह तय करेगी कि ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं।नेशनल हेराल्ड मामले में ED की चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच पूर्व BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत और 2014 में पटियाला हाउस कोर्ट के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट द्वारा उसकी स्वीकार्यता पर आधारित है.

इस मामले में ED ने 9 अप्रैल को गांधी परिवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ PMLA के तहत एक अभियोजन शिकायत मतलब चार्जशीट दायर की थी, जिसे राउज एवेन्यू स्थित विशेष MP/MLA अदालत में पेश किया गया है. अदालत ने अभी इस पर संज्ञान नहीं लिया है.दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज FIR में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा तीन अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा का नाम भी है. FIR में तीन कंपनियों एजेएल, यंग इंडियन और डॉटेक्स मर्चेंडाइज़ प्राइवेट लिमिटेड के नाम भी शामिल हैं. आरोप है कि कोलकाता स्थित यह शेल कंपनी यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये देती है, जिसके जरिए गांधी परिवार ने कांग्रेस को 50 लाख रुपये देकर AJL को हासिल किया.यह केस दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने दर्ज किया है। FIR में सोनिया और राहुल गांधी के अलावा 6 और लोगों या बिजनेस कंपनियों का भी नाम है। मामला एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को धोखे से खरीदने की क्रिमिनल साजिश से जुड़ा हुआ है। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड उस समय कांग्रेस की कंपनी थी और इसके पास 2,000 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी थी। यह खरीद यंग इंडियन के जरिए की गई थी, जिसमें गांधी परिवार की 76% हिस्सेदारी थी।

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