बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का ब्रह्मपुरा इलाका सायरन की आवाज से गूंजने लगा तो लोगों की रातों की नींद छिन गई। अस्पताल के कारण कभी-कभी सायरन की आवाज रात में आती भी थी, लेकिन गुरुवार को सूर्योदय से पहले इतनी आवाजें थीं कि लोग घरों से बाहर निकल आए। सुबह सात बजे के बाद आवाजाही देखने वाली सड़क कई घंटे पहले ही जागी हुई थी। बदहवास लोगों को देख रही थी। चीख-पुकार की आवाज प्रसाद हॉस्पिटल से आती हुई एम्बुलेंस तक जा रही थी। लेकिन, पांच बजे के बाद जहां एक तरफ अस्पताल के बाहर एम्बुलेंस और बाकी वाहनों की आवाजाही की आवाज थी तो परिसर के अंदर अपने लोगों की मौत पर चीखती महिलाओं का क्रंदन गूंज रहा था। अब तक, औराई के 30 वर्षीय शशांक कुमार, कथैया की गीता देवी और तरियानी-शिवहर के 57 वर्षीय उदय कुमार के शव की पहचान हो सकी है।