सोमवार से ही हो रही बारिश अब आफत की बारिश बन गई है, बारिश ने थामी मुंबई की रफ्तार थाम दी है। बिजली आपूर्ति रुकने की वजह से मुंबई में मोनोरेल भी बीच रास्ते में ही अटक गई, जिससे लोगों की हालत बेहद खराब हो गई। मैसूर कॉलोनी स्टेशन के करीब ये मोनोरेल रास्ते में फंस गई। यात्री बिना एसी के करीब कई घंटे तक ट्रेन के अंदर ही फंसे रहे। कई घंटे फंसे रहने के बाद 500 से अधिक यात्रियों को क्रेन की मदद से निकाला गया। एक शख्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आपको बता दें कि मोनोरेल का एसी भी बंद होने से यात्रियों को पसीना आ रहा था। कई लोगों की सांस फूल रही थी। यात्री खिड़कियों पर हाथ पटक-पटक कर मदद के लिए चिल्लाने लगे। इस पर दमकल विभाग और दूसरी एजेंसियां क्रेन की मदद से लोगों को बचाने में जुटीं। यात्री डरे गए थे, क्योंकि गाड़ी नहीं चल रही थी। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो कई यात्री अंदर से चिल्ला रहे थे कि हमें बाहर निकालो। कई जोर-जोर से दरवाजा पीट रहे थे। मोनोरेल में फंसे यात्री खुद को बाहर निकालने की अपील कर रहे थे। इस भयावह स्थिति में दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और करीब 500 से अधिक यात्रियों को बाहर निकाला गया।
महाराष्ट्र मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बयान जारी कर कहा है कि 'एक मोनोरेल ट्रेन मैसूर कॉलोनी स्टेशन के नजदीक बिजली आपूर्ति बाधित होने के चलते रुक गई। हमारी संचालन और मेंटीनेंस टीम मौके पर पहुंचकर समस्या सुलझाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल वडाला और चेंबूर स्टेशन के बीच मोनोरेल का संचालन हो रहा है।' उन्होंने कहा कि जल्द ही सेवा बहाल कर दी जाएगी। कॉरपोरेशन ने कहा कि सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। मौके पर मौजूद बीएमसी के एडिश्नल म्युनिसिपल कमिश्नर अमित सैनी ने बताया कि अग्निशमन विभाग और पुलिस की टीमें बचाव अभियान में जुटी हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई में दो स्टेशनों के बीच फंसी मोनोरेल ट्रेन के सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा और घटना की जांच की जाएगी। फडणवीस ने X पर साझा पोस्ट में लिखा, 'किसी तकनीकी कारण से, चेंबूर और भक्ति पार्क के बीच एक मोनोरेल फंस गई। MMRDA यानी (मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण), अग्निशमन विभाग और नगर निगम, सभी एजेंसियां मौके पर पहुंच गई हैं। सभी यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।'