लगातार हो रही बरसात से मथुरा में हाल बेहाल है। पूरे इलाके में पानी भर गया है। लोगों के दुकानों में पानी घुस गया है। जानकारी के मुताबिक, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। यहाँ बाढ़ के चलते हालात भयावह होते जा रहे हैं। रविवार को जलस्तर और बढ़ने से बस्तियों की तरफ पानी काफी बढ़ गया है। । पूरे दिन यमुना का पानी सड़क पार कर कॉलोनियों में भरता रहा। सड़क पर बहाव इतना तेज था कि आवागमन में भी परेशानी हुई।बाढ़ को लेकर मथुरा के एक दुकानदार ने बताया की कैसे कमर तक पानी भर गया है।यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर के चलते वृंदावन की कई कॉलोनियां जलमग्न हो चुकी हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि प्रशासन को कई इलाकों से लोगों को बाढ़ राहत केंद्रों तक रेस्क्यू कर सुरक्षित पहुंचाना पड़ा है। हालांकि कई लोग अब भी अपने मकानों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं, वजह है मेहनत से बना आशियाना और उसमें रखा जिंदगी भर की कमाई से जुटाया सामान।
यह हाल किसी एक आबिद का नहीं है, बल्कि सैकड़ों आबिद ऐसे हैं, जिन्हें अपना मजबूरन अपना घर छोड़ना पड़ा। पूरी जिंदगी की मेहनत की कमाई से बना घर और उसमें जाम किया सामान बर्बाद होते देखे उनके अरमान तिल-तिल कर मर रहे हैं। उन्हें नहीं पता कि वे जब वापस लौटेंगे तो उनका घर बचेगा भी या नहीं। दरअसल जलभराव के चलते कई मकान धराशायी हो चुके हैं, अन्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।शुक्रवार को तेज बारिश के दौरान आकाश में तेज आवाज के साथ बिजली कड़की और इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में बिजली सप्लाई ठप हो गई। विद्युत कर्मियों द्वारा शुक्रवार देर रात तक फाल्ट को ढूंढने का काम किया गया, मगर फाल्ट नहीं मिला। शनिवार सुबह 5 बजे से ही विद्युत विभाग के कर्मी लाइन दुरुस्त करने में फिर जुट गए। लगातार प्रयासों के बाद शनिवार शाम 4 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। एक ओर क्षेत्र में बाढ़ का पानी गांवों में तबाही मचा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर अंधकार ने ग्रामीणों की रातें और मुश्किल कर दी हैं।