उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. यह हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ, जब सैकड़ों श्रद्धालु शिखर पर स्थित मंदिर में पूजा के लिए पहुंचे थे. पुलिस के अनुसार, यह भगदड़ एक अफवाह के कारण मची, जिसमें कहा गया था कि मंदिर की सीढ़ियों के पास करंट फैल गया है. इस अफवाह से लोगों में घबराहट फैल गई और अफरा-तफरी के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. वीडियो में देखा गया कि भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति बार-बार लोगों से पीछे लौटने की अपील कर रहा था, लेकिन चारों ओर से भीड़ बढ़ती ही जा रही थी. एक अन्य वीडियो में लोग, खासकर महिलाएं और बच्चे, बुरी तरह फंसे हुए नजर आए.
वहीं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने बताया, "...6-7 लोगों की मौत हो गई, 1-2 गंभीर हैं और लगभग 12-13 घायल हैं... सीएम ने घटना की जानकारी ली.. उन्होंने मृतक के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों के परिवारों को 50,000 रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। इसके बाद, मैंने सीएम से बात की और मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट की ओर से 5 लाख रुपये देने का फैसला किया। हम अपनी ओर से घायलों को 1 लाख रुपये और मृतकों को 5 लाख रुपये देंगे... यह घटना उस समय हुई जब एक व्यक्ति का पैर सीढ़ी के कम ढलान वाले हिस्से पर फिसल गया
कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ एक संकरे रास्ते में फंस गई थी. जैसे-जैसे श्रद्धालु मनसा देवी मंदिर की ओर ऊपर चढ़ाई कर रहे थे, अचानक कुछ लोगों ने तेजी से आगे बढ़ने की कोशिश की. इससे लोगों का संतुलन बिगड़ा, कुछ लोग फिसले और देखते ही देखते भगदड़ मच गई. अफरा-तफरी में कई लोग नीचे गिर पड़े और अन्य लोग उनके ऊपर गिरते गए, जिससे कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. मनसा देवी मंदिर हरिद्वार की पहाड़ियों पर स्थित एक प्राचीन शक्तिपीठ है. मान्यता है कि ये स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक है. जहां माता सती का मस्तक गिरा था. मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पैदल चढ़ाई करनी होती है या फिर रोपवे का सहारा लेना होता है.