फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mallikarjun Kharge On DK Slogans: कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार के समर्थन में लगे नारे, भड़के खरगे!

Mon, 22 Jun 2026 02:45 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बेंगलुरु में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान उस समय नाराज़गी जाहिर करनी पड़ी जब उनके भाषण के बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। यह कार्यक्रम कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद के कार्यभार ग्रहण करने के अवसर पर आयोजित "संकल्प समावेश" जनसभा का हिस्सा था। मंच पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। जैसे ही खरगे सभा को संबोधित कर रहे थे, कुछ कार्यकर्ताओं ने बार-बार "डीके-डीके" के नारे लगाने शुरू कर दिए, जिससे कार्यक्रम का माहौल प्रभावित होने लगा।

इस दौरान खरगे ने कार्यकर्ताओं को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरी पार्टी का कार्यक्रम है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यहां चिल्लाने से पूरे देश पर कोई असर पड़ने वाला है। नाराज़गी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में किसी व्यक्ति की पूजा नहीं होती और सभी नेताओं को पार्टी के मंच का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने की सलाह देते हुए कहा कि पार्टी सभी को साथ लेकर चलती है और व्यक्तिगत प्रचार के बजाय संगठन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए खरगे ने कहा कि उन्हें राजनीति में 58 वर्ष हो चुके हैं और उन्होंने अनेक नेताओं को आते-जाते देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई नेताओं का पार्टी में योगदान भले ही सीमित रहा हो, लेकिन पार्टी ने उन्हें पहचान और अवसर दिए हैं।

खरगे ने चेतावनी भी दी कि कार्यक्रम का पूरा वीडियो और फुटेज उपलब्ध है तथा जो लोग अनुशासनहीनता कर रहे हैं, उनकी पहचान की जाएगी। उन्होंने कहा कि फुटेज देखने के बाद आवश्यक होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान के बाद मंच पर मौजूद नेताओं ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और स्वयं डी.के. शिवकुमार ने कार्यकर्ताओं को शांत रहने का संदेश दिया, जिसके बाद माहौल सामान्य हुआ।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं। भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने खरगे की प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका नाराज़ होना स्वाभाविक था क्योंकि वे स्वयं मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। वल्लभ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री के समर्थन में लग रहे नारों को सहन नहीं कर पाए। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस मामले को संगठनात्मक अनुशासन और कार्यक्रम की गरिमा बनाए रखने से जोड़कर देखा जा रहा है। यह घटना एक बार फिर कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और संगठनात्मक संतुलन को लेकर चल रही चर्चाओं को चर्चा के केंद्र में ले आई है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें