शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बिहार सरकार की महिलाओं को ₹10,000 देने की योजना पर सवाल उठाते हुए इसे महाराष्ट्र की अनदेखी का मुद्दा बनाया है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र आज एक गंभीर संकट (संभवतः बाढ़ या सूखे जैसी स्थिति) से जूझ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का ध्यान सिर्फ बिहार के आसन्न चुनावों पर है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिहार में हर महिला को ₹10,000 देने की घोषणा की जा सकती है (मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत), तो महाराष्ट्र को राहत क्यों नहीं मिल रही? उन्होंने इस स्थिति को सरासर अन्याय बताया और कहा कि महाराष्ट्र की जनता की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
संक्षेप में, उनका सवाल बिहार की योजना पर सीधा हमला कम और महाराष्ट्र में किसानों या प्रभावित लोगों को केंद्र सरकार से तत्काल और पर्याप्त सहायता न मिलने के संदर्भ में भेदभाव और राजनीतिक प्राथमिकता पर अधिक था। उनका बयान महाराष्ट्र में राहत और सहायता की मांग को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से रखने के लिए था।
| शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे कहते हैं, ".मुझे लगता है कि चार-पांच दिन पहले मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से मिलने गए थे और खबर आई कि वह प्रधानमंत्री के प्रस्ताव का इंतजार कर रहे हैं। बिहार में चुनाव हैं और प्रधानमंत्री ने वहां हर महिला को 10,000 रुपये दिए...महाराष्ट्र संकट में है और बिहार में चुनाव हैं इसलिए आप बिहार की ओर देख रहे हैं और महाराष्ट्र को नजरअंदाज कर रहे हैं। यह अन्याय है, सरासर अन्याय है. हालांकि अभी इस मामले पर सरकार की ओर से कई जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन उद्धव ठाकरे इन दिनों महाराष्ट्र में आई बाढ़ के बाद किसानों के मुद्दे को पूरी ताकत के साथ उठा रहे हैं और राज्य की सरकार को अपने निशाने पर ले रहे हैं। अब ऐसे में देखना ये होगा कि सरकार की ओर से इस पर क्या जवाब दिया जाता है।