क्या सच में नौकरी के बदले जमीन ली गई? आखिर कैसे बिना विज्ञापन के रेलवे में भर्तियां हो गईं? जानिए लालू, राबड़ी और तेजस्वी पर क्या गंभीर आरोप लगे?लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत परिवार के छह लोगों पर आरोप तय हुए हैं. यह मामला रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लेने से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर अब अदालत की कार्रवाई तेज हो गई है.ऐसे में आगे बढ़े उससे पहले जान लीजिए आखिर कोर्ट में क्या हुआ फिर उसके आगे बताएंगे की आखिर ये लैंड फॉर जॉब स्कैम मामला क्या है?
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। कोर्ट के मुताबिक चार्जशीट में यह संकेत मिलता है कि लालू यादव ने रेल मंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी पदों के बदले सरकारी जमीनों पर कब्जा करने की साजिश रची थी.
अब अगर मामलें पर नजर डाले तो साल 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि लालू के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे भर्ती में घोटाला हुआ। कहा जा रहा है कि नौकरी लगवाने के बदले में आवेदकों से जमीन और प्लॉट लिए गए। सीबीआई ने इस मामले में जांच के होने के बाद अब लालू परिवार के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि जो जमीनें ली गईं वो राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम पर भी ली गईं। रेल भर्ती से जुड़े एक और घोटाले का आरोप यूपीए सरकार में रेल मंत्री रहे पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला पर लगा है। इस बीच मामले में भी cbi ने विजय सिंगला समेत 10 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।