राजनीति के गलियारों में उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर माहौल गर्म है। एक तरफ केंद्र सरकार और बीजेपी का दावा है कि उनकी जीत तय है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी खेमे के उम्मीदवार से जुड़ा नक्सलवाद का मुद्दा चर्चा में है।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि “हम निश्चित रूप से चुनाव जीतेंगे। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में नक्सलवाद एक बड़ी समस्या रही है और विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के एक फैसले ने वहां कई दिक्कतें पैदा कीं।”
वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने और भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “क्या उन्होंने नक्सलवाद को बचाकर संविधान बचाया? छत्तीसगढ़ में हमने दुर्दशा देखी है। कांग्रेस खून पर राजनीति कर रही है। हम 100 प्रतिशत चुनाव जीतेंगे।”
स्पष्ट है कि नक्सलवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे को बीजेपी चुनावी रणनीति में प्रमुख हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। विपक्षी उम्मीदवार पर सीधे निशाना साधते हुए भाजपा इस चुनाव को सिर्फ संवैधानिक पद की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारधारा और सुरक्षा के सवाल से जोड़ रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस बयानबाजी के बीच उपराष्ट्रपति चुनाव का परिणाम किस ओर जाता है।