जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले में मचैल माता यात्रा मार्ग पर चिशौती में बादल फटने के कारण भारी तबाही हुई है। जानकारी के अनुसार, इस आपदा में 46 लोगों की मौत हो गई है। वहीं, बाढ़ में कई लोगों के बहे जाने की आशंका है। यह आपदा मचैल माता मंदिर के रास्ते में गांव चसौती में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच उस समय आई जब बड़ी संख्या में लोग मचैल माता यात्रा के लिए इकट्ठा हुए थे। वहाँ से मंदिर तक 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू होती है। अधिकारियों ने बताया कि कई शव बरामद किए गए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। चसौती 9,500 फीट की ऊँचाई पर स्थित है और किश्तवाड़ से लगभग 90 किलोमीटर दूर है। वहीं तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने कहा, "...जैसे ही हमें घटना की जानकारी मिली, टीमें मौके पर पहुंचीं और लोगों को बचाने का काम शुरू कर दिया...यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है...बचाव अभियान परसों तक जारी रहेगा
किश्तवाड़ के चशोती इलाके में बादल फटने की घटना पर एक पीड़ित ने कहा, "हम वहीं पर थे...अचानक ब्लास्ट जैसा हुआ और बादल फटने के बाद हम निकलना शुरू किए लेकिन 2 मिनट में ही वहां पर 4 फीट मलबा हो गया। कुछ लोगों को हमने निकाल दिया लेकिन कुछ लोग फंस गए। हम 11 सदस्य थे हम सुरक्षित है बस मेरी बेटी और मेरी पत्नी मलबे में फंस गए थे अब ये स्थिर हैं.
किश्तवाड़ के चशोती इलाके में बादल फटने की घटना पर एक पीड़िता ने कहा, "अचानक से बम फटने की आवाज आई और सब कहने लगे कि भागो-भागो। जैसे मैं भागने लगी तो मैं मलबे में फंस गई और मेरे ऊपर बिजली का खंभा गिर गया। उसके बाद मैंने अपनी बेटी को आवाज लगाई और उसने मुझे वहां से निकाला...हम बड़ी मुश्किल से बचे हैं
किश्तवाड़ के चशोती इलाके में बादल फटने की घटना पर एक पीड़ित ने कहा, "ये मेरी बेटी है...न बादल था, न बारिश थी धूप भी नहीं था, बहुत ही अच्छा मौसम था लेकिन पता नहीं कैसे अचानक ये सब हो गया। 2 मिनट में मलबा पूरा आया। हम तो ये सब फिल्म में देखा करते थे लेकिन ये सब सामने हो गया। मेरी बेटी को बस ढूंढ दो मुझे और कुछ नहीं चाहिए