यूपी के कई इलाकों में बाढ़ से हालत है प्रयागराज मथुरा के बाद अब कानपुर में मौसम में बदलाव देखने को मिला। यहाँ बाढ़ से हालात नजर आ रहे है। घरों में पानी है और सड़कों पर नाव है दूसरी तरफ लोग बढ़े हुए जलस्तर में आने जाने को मजबूर है। बाढ़ को लेकर लोगों ने क्या कुछ बोला है ये बयान सुनिए . बता दे की कानपुर में झमाझम बारिश हुई जिसके बाद, शहर के कई इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। वहीं, गंगा नदी में भी उफान आया। इससे गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।कानपुर व आसपास के जिलों में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। इससे रविवार रात से बारिश का दौर शुरू हो गया है। रात को तेज बारिश और आकाशीय बिजली के प्रकोप के बाद सोमवार केा भी मौसम में बदलाव जारी रहा। दोपहर को काले बादलों ने डेरा डाला और कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश की वजह से वाहन चालकों को आगे का रास्ता तक नहीं दिखाई दे रहा था। मौसम विभाग के अनुसार कानपुर सहित आसपास के इलाकों में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव हो गया है। इससे मानसून की बारिश शुरू हो गई है। दो से तीन दिन अलर्ट रहने की जरूरत है।
सोमवार दोपहर को बैराज पर गंगा का जलस्तर 114.87 मीटर था। रात होते होते इसमें 9 सेंटीमीटर की और बढ़ोतरी हो गई। इससे ख्योरा कटरी, बिठूर कटरी और शहरी क्षेत्र के करीब 22 गांवों में हालात और खराब हो गए। बिठूर और कटरी क्षेत्र के करीब 15 गांवों के दो हजार घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। सोमवार रात बाढ़ के पानी ने बिठूर कटरी के प्रतापपुर हरी, ईश्वरीगंज, पपरिया, हिंदुपुर को भी चपेट में ले लिया। पहले से बाढ़ की चपेट में आए भगवानदीनपुरवा, भोपालपुरवा, लक्ष्मनपुरवा, गिल्लीपुरवा, बनियापुरवा, दुर्गापुरवा, मक्कापुरवा के अलावा बिठूर कटरी के तिसजा, नया डल्लापुरवा, पुराना डल्लापुरवा, हृदयपुर, चिरान में हालात और ज्यादा बदतर हो गए। करीब 25 हजार की आबादी बाढ़ से परेशान है। दो हजार से अधिक बीघा खेत में लगी सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। करीब 150 परिवारों ने गृहस्थी और पशुओं समेत गंगा बैराज पर अस्थायी टेंट लगाकर शरण ली है।