उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर तमाम तरह के दावे किए जा रहे हैं। अटकलों का बाजार भी गर्म है। इसी क्रम में एक दावा यह भी किया जा रहा है कि उपराष्ट्रपति के दफ्तर को सरकार द्वारा सील कर दिया गया है और पूर्व उपराष्ट्रपति को तुरंत अपना सरकारी आवास खाली करने के लिए कहा गया है। तो चलिए बताते हैं इस खबर की आखिर सच्चाई क्या है। दरअसल, भारत सरकार की नोडल एजेंसी पीआईबी ने फैक्ट चेक करके इस दावे की हवा निकाल दी है।
पीआईबी ने इसकी सच्चाई को उजागर कर दिया है। दरअसल, पीआईबी ने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि सोशल मीडिया पर यह दावा व्यापक रूप से किया जा रहा है कि उपराष्ट्रपति के आधिकारिक दफ्तर को सील कर दिया गया है और पूर्व उपराष्ट्रपति को तुरंत अपना आवास खाली करने के लिए कहा गया है। लेकिन यह खबर पूरी तरह से भ्रामक और झूठी है। गलत सूचनाओं पर ध्यान न दें। किसी भी खबर को शेयर करने से पहले हमेशा आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि कर लें। बता दें कि जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा था।
उन्होंने यह इस्तीफा अनुच्छेद 67 (ए) का हवाला देते हुए दिया था। इस्तीफे में उन्होंने पीएम मोदी और अन्य सांसदों का भी शुक्रिया अदा किया था। हालांकि, जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई। किसी ने इसे जाट समुदाय का अपमान बताया तो किसी ने इसे मोदी सरकार की तानाशाही। बता दें कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ फिलहाल पार्लियामेंट कैंपस के पास चर्च रोड पर बने उपराष्ट्रपति एनक्लेव में रह रहे हैं। वह पिछले साल ही इस बंगला में शिफ्ट हुए थे। यानी उपराष्ट्रपति फिलहाल दिल्ली में ही हैं। अब पीएम मोदी के विदेश से लौटने के बाद इसपर और सियासत तेज हो सकती है। उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के बाद जगदीप धनखड़ इस सप्ताह के अंत तक अपना सरकारी आवास खाली कर देंगे. सोमवार रात को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया था.
नियमों के अनुसार, पूर्व उपराष्ट्रपति को आजीवन सरकारी आवास मिलता है. सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में उनके सामान की पैकिंग चल रही है और नए आवास की व्यवस्था की जा रही है. नियमों के मुताबिक, पूर्व राष्ट्रपति सरकारी बंगले के हकदार हैं. धनखड़ को लुटियंस दिल्ली या किसी अन्य इलाके में बंगला दिया जा सकता है. धनखड़ 15 महीने पहले जिस वीपी एन्क्लेव के बंगले में शिफ्ट हुए थे, उसका निर्माण सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास योजना के तहत किया गया था. यह बंगला आमतौर पर वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों या राष्ट्रीय दलों के अध्यक्षों को आवंटित किया जाता है. सोमवार को धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था. मंगलवार को उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. धनखड़ के इस्तीफे के बाद देश में सियासी हलचल मची हुई है. नया उपराष्ट्रपति कौन होगा, इसको लेकर कई अटकलें लगाए जा रहे हैं. लेकिन फिलहाल जगदीप धनखड़ को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं अब ऐसे में देखना ये होगा कि आखिर जगदीप धनखड़ अपना आवास खाली कब तक करते हैं.. हालांकि कयास तो कई बातों के लगाए जा रहे हैं लेकिन जब तक आधिकारिक तौर पर जानकारी सामने नहीं आ जाती है.. तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है