पाकिस्तान में बुधवार शाम अचानक सियासी तूफान आ गया, जब सोशल मीडिया पर यह दावा सामने आया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की “रहस्यमयी मौत” हो गई है। अदियाला जेल में बंद इमरान को लेकर यह दावा अफगानिस्तान टाइम्स नाम के एक एक्स अकाउंट ने किया। देखते ही देखते इमरान की मौत की अफवाह इतनी तेज़ी से फैली कि हजारों समर्थक जेल के बाहर जमा हो गए और पाकिस्तान की सियासत में उबाल आ गया। लेकिन इन दावों के बीच सबसे बड़ा सवाल उनके परिवार ने उठाया अगर इमरान खान जिंदा और सुरक्षित हैं, तो कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें परिजनों से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा?
26 नवंबर को अफगानिस्तान टाइम्स नाम के एक्स अकाउंट ने दावा किया कि इमरान खान की हत्या कर दी गई है और उनकी बॉडी जेल से बाहर ले जाई गई है। इस पोस्ट ने कुछ ही घंटों में पाकिस्तान की राजनीति को हिला दिया। सोशल मीडिया पर “#ImranKhanDead” ट्रेंड करने लगा और अदियाला जेल के बाहर हजारों समर्थक जमा हो गए। यह पहली बार नहीं है मई 2024 में भी एक फर्जी सरकारी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ था जिसमें इमरान की मौत का दावा किया गया था। सरकार को तब भी प्रेस रिलीज जारी कर अफवाहें खारिज करनी पड़ी थीं।
सबसे गंभीर आरोप खुद इमरान खान के बेटे कासिम खान और उनकी बहनों ने लगाए। कासिम ने एक्स पर लिखा, “न मुलाकात, न फोन, न सबूत कि वो जिंदा हैं… तीन हफ्तों से हमारा उनसे कोई संपर्क नहीं।”
परिवार का कहना है कि अदालत ने मुलाकात की अनुमति दी थी, लेकिन जेल प्रशासन जानबूझकर उन्हें दूर रख रहा है। कासिम ने इसे “ब्लैकआउट” बताते हुए कहा कि सरकार उनके पिता की असली हालत छिपा रही है।
इमरान की बहनों नुरीन खान, अलीमा खान और उजमा खान ने आरोप लगाया कि जेल के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं, तभी पंजाब पुलिस ने उन्हें पीटा। तीनों ने बताया कि उन्हें तीन हफ्तों से इमरान से मिलने नहीं दिया जा रहा।
पीटीआई नेताओं का आरोप और भी चिंताजनक है।पार्टी प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने कहा, “4 नवंबर के बाद से किसी ने उन्हें नहीं देखा। न परिवार, न वकील, न पार्टी। मुलाक़ातें अचानक बंद कर दी गई हैं।”
पीटीआई का दावा है कि इमरान की सेहत बिगड़ रही है और सरकार उन्हें लेकर जानकारी छिपा रही है। पार्टी के एक डेलिगेशन को भी गुरुवार को मुलाक़ात से रोक दिया गया।
पाकिस्तान सरकार ने सभी दावों को झूठ बताते हुए कहा कि इमरान खान अदियाला जेल में सुरक्षित हैं और उनकी हालत सामान्य है। प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा, “इमरान ठीक हैं। रोजाना मेडिकल चेकअप हो रहा है, उनकी डाइट और दवाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मौत की अफवाहें बेबुनियाद हैं।”
गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने भी कहा कि इमरान की हालत को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सरकारी उपहारों की अवैध बिक्री और भ्रष्टाचार के मामलों में 3 साल की सजा सुनाई गई थी। जनवरी 2025 में अल-कादिर ट्रस्ट और जमीन घोटाले से जुड़े एक मामले में 14 साल की सजा और लगी। उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी इसी मामले में 7 साल की सजा सुनाई गई।
इमरान खान की मौत की अफवाहों ने पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। सवाल अभी भी वही है यदि सरकार कह रही है कि इमरान बिल्कुल ठीक हैं, तो फिर परिजनों और वकीलों को मुलाकात की अनुमति क्यों नहीं मिल रही? जब तक यह सवाल साफ नहीं होता, पाकिस्तान में यह विवाद थमने वाला नहीं।