हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने हॉकी एशिया कप फाइनल में कोरिया को करारी शिकस्त दी. टीम इस टूर्नामेंट में चौथी बार चैंपियन बनी है और हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है. खिताबी जंग में कोरिया को 4-1 से मात देकर टीम इंडिया ने इस टूर्नामेंट में 8 साल का सूखा खत्म किया है. अब टीम इंडिया का अगला मिशन 2026 वर्ल्ड कप होगा। एशिया कप हॉकी 2025 में भारतीय टीम ने पूल चरण में शानदार प्रदर्शन किया। टीम इंडिया ने लगातार तीन मुकाबले जीतकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा और नॉकआउट चरण की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली।29 अगस्त को भारत ने चीन को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से मात दी। इसके बाद 31 अगस्त को जापान के खिलाफ कड़े संघर्ष में भारतीय खिलाड़ियों ने 3-2 से जीत दर्ज की। वहीं, 1 सितंबर को कजाकिस्तान पर टीम इंडिया ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 15-0 से एकतरफा जीत हासिल की। भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन पूरी तरह आत्मविश्वास और तालमेल से भरा हुआ रहा। तीनों मैचों में जीत दर्ज करने के बाद टीम ने एशिया कप खिताब की प्रबल दावेदारी पेश की। सुपर-4 चरण में भी भारत अजेय रहा और अंततः खिताब अपने नाम किया। तीन सितंबर को भारत और कोरिया के बीच मुकाबला 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
अगले ही दिन यानी चार सितंबर को टीम इंडिया ने मलयेशिया को 4-1 से मात देकर धमाकेदार जीत हासिल की। इसके बाद छह सितंबर को भारत ने चीन पर 7-0 से बड़ी जीत दर्ज की। मैच की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और बढ़त हासिल की। पहले ही मिनट में सुखजीत सिंह ने गोल दागकर भारत को बढ़त दिला दी। हालांकि आठवें मिनट में जुगराज सिंह पेनाल्टी स्ट्रोक का फायदा उठाने से चूक गए। पहला क्वार्टर भारत के नाम 1-0 से रहा। दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा। दिलप्रीत सिंह ने 27वें मिनट में गोल करते हुए बढ़त को 2-0 कर दिया।
हाफ-टाइम तक भारत 2-0 से आगे था। तीसरे क्वार्टर में कोरिया ने वापसी की कोशिश की और लगातार पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किए, लेकिन भारतीय डिफेंस के आगे उनकी एक न चली। वहीं 44वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने अपना दूसरा और भारत का तीसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। अंतिम क्वार्टर में भारत की ओर से अमित रोहिदास ने 49वें मिनट में शानदार फील्ड गोल किया। हालांकि एक मिनट बाद ही कोरिया के डैन सन ने गोल दागकर अंतर 4-1 कर दिया, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने मैच पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। चारों क्वार्टर में दबदबा बनाने वाले भारतीय खिलाड़ियों ने यह खिताबी जीत अपने नाम की और एक बार फिर साबित किया कि हॉकी में भारत एशिया की सबसे मजबूत टीम है।