हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून का कहर मचा हुआ है। बादल फटने भारी बारिश और भूस्खलन से राज्य के कई इलाकों में भारी तबाही मच गई है। बीते 72 घंटे के अंदर राज्य में बादल फटने की 14 और फ्लैश फ्लड की तीन घटनाएं सामने आए हैं। अकेले मंडी जिले में रात को 13 स्थानो पर बादल फटे जिसे सबसे अधिक जान माल का नुकसान हुआ। वहीं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "जब से बरसात शुरू हुई है तब से 69 लोग अपनी जान गवा चुके हैं, 37 लोग लापता हैं, 110 लोग घायल हुए हैं और तकरीबन 700 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो चुका है. सड़क, पानी की परियोजनाओं को नुकसान हुआ है, बिजली की जो तारें और खंभे थे वे उजड़ गए हैं, जिसका बहुत अधिक नुकसान हुआ है. मानसून की शुरुआत में ही हिमाचल प्रदेश में ऐसा कहर ढहा है. आज मेरी देश के गृह मंत्री से भी बात हुई... गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि वे हमें पूरी सहायता उपलब्ध करवाएंगे और आज नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भी आ रही है. 14 जगह बादल फटने की घटना सामने आई है। हम अध्ययन कर रहे हैं कि बादल फटने की घटनाएं इतनी ज्यादा क्यों हो रही हैं. हार्टिकल्चर कॉ़लेज में जो 92 छात्र फसे हुए थे उन्हें हमने रेस्क्यू किया है. सभी जगहों से बहुत अधिक नुकसान की खबर आ रही है. आपदा प्रभावित परिवारों के साथ हिमाचल प्रदेश सरकार खड़ी है. हमने फैसला लिया है कि पीड़ित परिवारों को 5000 रुपये किराये के मकान में रहने के लिए उपलब्ध करवाए जाएंगे... मंत्रिमंडल के सदस्य बैठकें कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।"
अब तक मंडी जिले से 348 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। यहां 154 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, 31 वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं, 106 पशुशालाएं और दो दुकानें ढह गई हैं, जबकि 14 पुल बह गए हैं। इस तबाही में 165 मवेशियों की मौत भी दर्ज की गई है। भारी बारिश और भूस्खलन से प्रदेश का बुनियादी ढांचा हिल गया है प्रदेश भर में246 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, जिनमें अकेले मंडी में 145 सड़कें शामिल हैं। कुल्लू में 36, सिरमौर में 25 और शिमला में 22 सड़कें बंद हैं। इसी तरह राज्य में 404 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं, जिनमें मंडी में सर्वाधिक 353 ट्रांसफार्मर बंद हैं। बिजली की आपूर्ति बुरी तरह बाधित है। पेयजल आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। मंडी में 605, हमीरपुर में 104 और सिरमौर में 21 पेयजल योजनाएं बंद पड़ी हैं। पूरे प्रदेश में 784 पेयजल योजनाएं ठप हैं, जिससे लोगों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बड़ी-बड़ी होने की संभावना है 5 जुलाई से 9 जुलाई तक राज्य में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया
कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, शिमला और सिरमौर जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है।