गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति ने शहीद हवलदार हंगपन दादा को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। राजपथ पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हंगपन दादा की पत्नी चासेन लोवांग दादा को यह सम्मान दिया। हंगपन दादा ने जम्मू-कश्मीर में एक एनकाउंटर में चार आतंकवादियों को अकेले मार गिराया था। अशोक चक्र शांति काल में दिया जाने वाला सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है। इसे परमवीर चक्र के बराबर माना जाता है।