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क्या सोनिया गांधी के 'गेम प्लान'में उलझकर बीजेपी संसदीय बोर्ड से बाहर हुए नितिन गडकरी?

Fri, 09 Sep 2022 04:55 PM IST
प्रवीण तिवारी वीडियो डेस्क/अमर उजाला डॉट कॉम

फरवरी 2019 को संसद में कुछ ऐसा हुआ था जिसने बहुत सारे सवाल खड़े कर दिए थे। इसके बाद नितिन गडकरी और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कई कयास लगने लगे थे। तब सोनिया गांधी और कांग्रेस की भरे सदन में की गई गडकरी की तारीफ ने कई सियासी संदेश दे दिए थे। क्या ये तारीफ बाद में गडकरी और मोदी में दूरियों की वजह बनी क्या ये कांग्रेस ने सोच समझकर किया था क्या सचमुच बीजेपी के भीतर कोई खिचड़ी पक रही थी। इन सारे सवालों के जवाब इस रिपोर्ट में जानने की कोशिश करते हैं। और इसके लिए पहले उस दिन सदन में क्या हुआ था ये जानना जरूरी है। इससे भी ज्यादा जरूरी है 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले और बाद के माहौल को समझना।

सबसे अहम सवाल ये था कि क्या 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी 2014 वाला करिश्मा दोहरा पाएंगे। विपक्ष तो यही मान रहा था कि मोदी का जादू अब फीका पड़ गया होगा। देशभर में चुनाव 11 अप्रैल से 19 मई 2019 के बीच 7 चरणों में अयोजित कराये गये। चुनाव के परिणाम 23 मई को घोषित किये गए। विपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए 303 अकेले बीजेपी ले आई और 353 एनडीए। 2014 में बीजेपी को 282 और एनडीए को 336 सीटें मिली थी। कुल 543 में से 272 के जादूई आंकड़ें को अपने दम पर पार करने का कमाल मोदी कर पाए लेकिन जादू फिर होगा ऐसा कम ही लोगों को लग रहा था। जादू तो और तेज चला और बीजेपी छलांग लगाकर 300 के पार हो गई। यही वो दौर था जब बीजेपी के 272 तक अकेले न पहुंच पाने की सुगबुगाहट थी और साथ ही बीजेपी की अंदरूनी उठापटक के तीव्र होने की उम्मीद विपक्ष को थी। कांग्रेस की ऐसी बुरी हालत भी नहीं थी जो पिछले पांच साल में हो गई। वजह 2019 के बाद राहुल टूट से गए और साथ ही कांग्रेस भी। इस सबके बीच चुनाव से ऐन पहले हुई एक घटना ने तो कयासों के बाजार को बुरी तरह गर्म करके रख दिया था। कयास ये थे कि यदि मोदी का जादू नहीं चला तो किसका जादू चलेगा। पीएम पद का चेहरा कौन होगा एक ऐसा चेहरा जो विपक्ष के मोदी से नाराज दलों को भी साथ ला पाए। ऐसा एक ही चेहरा दिखाई पड़ता था और वो थे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।

नितिन गडकरी के शानदार काम की तारीफ करने वालों की फेहरिस्त लंबी है. फरवरी 2019 में संसद में लगा कि मोदी सरकार की धुर विरोधी कांग्रेस पार्टी को नितिन गडकरी पसंद है। उनकी पसंद गडकरी के सड़क परिवहन मंत्री के तौर पर काम करने के तरीके पर थी या फिर गडकरी के बहाने मोदी पर निशाना साधा गया था? ये सवाल हमेशा सवाल ही रहेगा।

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