पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा ने फाल्टा सीट पर बड़ी जीत दर्ज कर अपने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया है। इस जीत के बाद अब भाजपा की नजर नंदीग्राम पर टिक गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को नंदीग्राम कॉलेज ग्राउंड में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह फाल्टा में भाजपा को एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत मिली, उसी तरह की जीत नंदीग्राम में भी चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत करने की अपील की।
नंदीग्राम वही सीट है जहां से शुभेंदु अधिकारी पहले विधायक चुने गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। वर्तमान में वह भवानीपुर से विधायक हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार नंदीग्राम पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भले ही वह दूसरी सीट से विधायक हों, लेकिन उनका जुड़ाव आज भी नंदीग्राम से बना हुआ है और वह यहां के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे।
अपने संबोधन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने अपने भाई और कांथी से सांसद Soumendu अधिकारीको नंदीग्राम की राजनीतिक और संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पंचायत, प्राइवेट एडमिनिस्ट्रेशन और पब्लिक वर्क से जुड़े अहम कामों की जिम्मेदारी सौमेंदु अधिकारी संभालेंगे। साथ ही भाजपा के पांच विधायक- अरुण कुमार दास, शांतनु प्रमाणिक, चंद्रशेखर मंडल, निर्मल खदरा और तपन मैती उनके साथ मिलकर क्षेत्र में काम करेंगे।
सभा में शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित हिंसा और फर्जी मामलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने भाजपा के हजारों कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। उन्होंने कहा, “टीएमसी ने हमारे 4000 कार्यकर्ताओं को फर्जी मामलों में फंसाया है। कानूनी रूप से मैं जो कुछ कर सकता हूं, वह जरूर करूंगा।”
उन्होंने अपने समर्थकों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा की राजनीति बदले की भावना पर नहीं चलती, लेकिन अन्याय करने वालों को जवाब जरूर मिलेगा। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “सबका साथ, सबका विकास होगा, लेकिन सबका हिसाब भी होगा। मुझे सब याद है। अभी मैं कुछ नहीं भूला हूं। जिन्होंने अत्याचार किया है, उन्हें जवाब मिलेगा और उनकी सही जगह जेल में होगी।”
इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तीखा हमला बोला। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी दो बार चुनाव हारने के बावजूद राजनीति में सक्रिय रहीं, लेकिन उनके समर्थकों के साथ भेदभाव किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सात शहीद परिवारों को सिर्फ इसलिए डेथ सर्टिफिकेट तक नहीं दिया गया क्योंकि वे उनके समर्थक थे।
राज्य के विकास का मुद्दा उठाते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल को अब नई दिशा देने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार राज्य में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को फिर से शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि रेल परियोजनाओं सहित कई महत्वपूर्ण योजनाएं लंबे समय से रुकी हुई हैं, जिन्हें दोबारा गति दी जाएगी।
सभा में उन्होंने युवाओं, महिलाओं और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कई वादे किए। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार चाहिए और इसके लिए राज्य में उद्योगों का आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर राज्य में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे।
महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल में महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। साथ ही लोगों को साफ पानी, बेहतर सड़कें और मजबूत ब्रिज कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने पुलिस व्यवस्था में सुधार की भी बात कही और कहा कि कानून व्यवस्था को निष्पक्ष तरीके से चलाया जाएगा।
धार्मिक आयोजनों को लेकर भी शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रामनवमी और दुर्गा पूजा जैसे त्योहार शांति से होने चाहिए और लोगों को पूजा करने के लिए अदालतों की अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। उन्होंने सीमाई सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बंगाल के बॉर्डर सुरक्षित होने चाहिए।
अपने संबोधन के अंत में शुभेंदु अधिकारी ने भरोसा दिलाया कि भाजपा अपने सभी वादों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को पूरी तरह राज्य में लागू किया जाएगा और सरकारी अस्पतालों में लोगों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। फाल्टा की जीत के बाद भाजपा अब नंदीग्राम को राजनीतिक रूप से और मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम करती नजर आ रही है।