वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के लिए मध्यप्रदेश शासन ने लैंड पूलिंग एक्ट लागू किया है, जिसमें किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर उस पर विकास कार्य किए जाएंगे। इसके तहत जमीन अधिग्रहण के बाद अधोसंरचनात्मक विकास कार्य पूर्ण होने पर विकसित भूमि का 50 प्रतिशत भाग, वास्तविक भू-स्वामी को दिया जाएगा।