SIR के तीसरे चरण का ऐलान होने पर AIMIM नेता वारिस पठान ने कहा, "SIR की जो प्रक्रिया है ये बहुत जरूरी है और हर नागरिक को इसे बहुत गंभीरता से लेना चाहिए। किसी भी असली मतदाता का नाम नहीं कटना चाहिए.इसलिए हम कहते हैं कि आप अपने सभी जरूरी दस्तावेजों को रखें ताकि BLO के आने पर आप उन्हें दस्तावेज दिखा सकें. किसी भी व्यक्ति की नागरिकता नहीं जानी चाहिए। ये मतदाताओं का अधिकार है.आप अपने दस्तावेजों को तैयार रखें
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने SIR के तीसरे चरण का ऐलान होने पर कहा, "ये बात तो हम शुरू से जानते थे कि SIR, NRC का दूसरा रूप है। ये पूरे देश में होगा और हर प्रांत में होगा। बंगाल के अंदर लाखों वोट काटे गए, उत्तर प्रदेश में करोड़ों वोट काटे गए और कहा गया कि ये सारे के सारे अवैध घुसपैठिए हं। आखिर पता तो चले कि भारत के अंदर कितने अवैध घुसपैठिए हैं। मुझे तो ऐसा लगता है कि 25% आबादी बांग्लादेश से आई हुए है और वे अभी भी यहीं रह रहे हैं। आपने कितने लोगों को बांग्लादेश भेजा या भारत सरकार ने कितनी बार बांग्लादेश की सरकार से बात की? आपने तो कभी भी ऐसा नहीं किया। दरअसल ये उन लोगों के वोट काटे जाते हैं, जिनके बारे में ये उम्मीद की जाती है कि वो विपक्ष को वोट देंगे और उसमें बड़ी संख्या में मुसलमानों के वोट काटे जाते हैं
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इस चरण में देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन और संशोधन किया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि फर्जी, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जा सके।
आयोग ने बताया कि तीसरे चरण में लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन होगा। इसके लिए करीब 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस दौरान मतदाताओं के पते, पहचान और अन्य जानकारियों का मिलान किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि SIR का यह चरण जुलाई 2026 से शुरू होगा और सितंबर तक विभिन्न राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। आयोग ने कार्यक्रम तय करते समय जनगणना की हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया का भी ध्यान रखा है ताकि दोनों कार्यों में तालमेल बना रहे।
इस तीसरे चरण में दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, हरियाणा समेत कई बड़े राज्यों को शामिल किया गया है। हालांकि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को फिलहाल इससे बाहर रखा गया है। आयोग का कहना है कि इन क्षेत्रों में मौसम और अन्य प्रशासनिक कारणों से बाद में SIR कार्यक्रम लागू किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से भी सहयोग की अपील की है ताकि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाया जा सके। माना जा रहा है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि सही मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद होती है।