अमेरिका के अलास्का में भूकंप के तगड़े झटके लगने की खबर है। संबंधित एजेंसियों ने भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की है। भूकंप के झटके लगने के संबंध में भारत की एजेंसी- नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने बताया कि बुधवार और बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात 2.07 बजे भूकंप के तेज झटके लगे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.3 मापी गई। भूकंप का केंद्र 36 किलोमीटर गहराई में पाया गया। एजेंसी के मुताबिक और अधिक भूकंप के झटके लगने की आशंका बनी हुई है। खबर लिखे जाने तक किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई है।भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं पर नजर रखने वाले जानकारों के मुताबिक गहराई में आने वाले भूकंपों की तुलना में अलास्का में 7.3 तीव्रता का भूकंप अधिक खतरनाक है।
इसलिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। भूगर्भविज्ञान की भाषा में इतनी कम गहराई में लगे झटकों को आमतौर पर 'उथले भूकंप' माना जाता है। इनके अधिक खतरनाक होने का कारण भूकंपीय तरंगों को सतह तक पहुंचने में लगने वाला कम समय है। ऐसे हालात में जमीन अधिक हिलती है और इमारतों को ज्यादा नुकसान होता है। नतीजतन अधिक लोगों के हताहत होने का खतरा बना रहता है।न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने अलास्का की खाड़ी में आए भूकंप के बाद तटीय अलास्का के कुछ हिस्सों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी है। अब लोगों को ऊंचाई वाले स्थानों पर चले जाने को कहा गया है। लोगों को तटीय इलाकों से निकलने के साथ-साथ समुद्र तटों व जलमार्गों से दूर रहने को कहा गया है।अलास्का का भूकंप इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि यहां पूरे साल के दौरान कई बार धरती कांपती है। दुनिया भर में सबसे अधिक सक्रिय भूकंपीय सिस्टमों में से एक अलास्का-अलेउतियन सबडक्शन है।
यही कारण है कि यहां पिछली शताब्दी में किसी भी अन्य सिस्टम की तुलना में सबसे अधिक भूकंप के झटके महसूस किए गए। कई भूकंप, समुद्री भूस्खलन और सुनामी का कारण बनते हैं। प्राकृतिक आपदाओं की नजर से ये जगह कितनी संवेदनशील है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस क्षेत्र में 130 से अधिक ज्वालामुखी भी हैं। पिछले दो सौ वर्षों में फटे अमेरिका के तीन-चौथाई से अधिक ज्वालामुखी यहीं हैं। अलास्का में अमेरिका के बाकी हिस्सों की तुलना में अधिक बड़े भूकंप आते हैं। राज्य की तीन-चौथाई से ज्यादा आबादी ऐसे इलाके में रहती है जहां 7 तीव्रता के भूकंप आ सकते हैं।क्षिण अलास्का और अलास्का प्रायद्वीप के साथ कैनेडी एंट्रेंस, अलास्का से यूनिमक पास और प्रशांत महासागर के तटीय इलाके में सुनामी का खतरा मंडरा रहा है. अलास्का भूकंप के लिहाज से काफी संवेदनशील इलाका है. यहां 1964 में 9.2 की तीव्रता का भी भूकंप आ चुका है.