कर्नाटक की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। कांग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार आज राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। लेकिन यह सिर्फ सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं है। यह उस नेता की कहानी है जिसने राजनीति के साथ-साथ कारोबार की दुनिया में भी बड़ी सफलता हासिल की। 1400 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के साथ डीके शिवकुमार अब देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बन गए हैं। आखिर क्या है उनका राजनीतिक और कारोबारी सफर, देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।
कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब डीके शिवकुमार कर्नाटक की सत्ता संभालने जा रहे हैं। 30 मई को विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लगी थी और अब वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में संगठन को मजबूत करने वाले शिवकुमार लंबे समय से पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
डीके शिवकुमार का नाम सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यानी ADR की रिपोर्ट के मुताबिक वे देश के सबसे अमीर विधायक हैं। उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार कुल संपत्ति 1413 करोड़ रुपये से अधिक है। मुख्यमंत्री बनने के साथ ही वह देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लेंगे।
शिवकुमार का कारोबारी साम्राज्य रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर, माइनिंग और एजुकेशन सेक्टर में फैला हुआ है। बेंगलुरु का चर्चित ग्लोबल मॉल भी उनके स्वामित्व वाली संपत्तियों में शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 900 करोड़ रुपये बताई जाती है। इसके अलावा वीक्रॉस डेवलपर्स, कौस्तुभ प्रोजेक्ट्स और आईकॉन प्रोजेक्ट्स जैसी कंपनियों में उनकी बड़ी हिस्सेदारी है।
अगर उनकी संपत्ति का ब्योरा देखें तो चल संपत्तियों में बैंक जमा, निवेश, शेयर, बीमा, आभूषण और निजी ऋण शामिल हैं। परिवार के पास कुल मिलाकर लगभग 273 करोड़ रुपये की चल संपत्ति है। बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा हैं, जबकि विभिन्न कंपनियों में निवेश भी करोड़ों में है। इतना ही नहीं, उन्होंने कंपनियों, ट्रस्टों और परिवार से जुड़े लोगों को बड़ी मात्रा में कर्ज और एडवांस भी दिया हुआ है, जिसकी कुल कीमत लगभग 248 करोड़ रुपये बताई गई है।
शिवकुमार के पास महंगी घड़ियों और आभूषणों का भी बड़ा संग्रह है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक परिवार के पास 4 किलो से ज्यादा सोना, 42 किलो से अधिक चांदी, हीरे और रूबी के आभूषण मौजूद हैं। रोलेक्स और हबलॉट जैसी लग्जरी घड़ियां भी उनकी संपत्तियों में शामिल हैं।
लेकिन डीके शिवकुमार की पहचान सिर्फ एक सफल कारोबारी की नहीं है। राजनीति में भी उनका रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। उन्होंने 1989 से लेकर अब तक लगातार आठ विधानसभा चुनाव जीते हैं। कनकपुरा सीट पर उनकी पकड़ इतनी मजबूत मानी जाती है कि उन्हें ‘कनकपुरा का रॉकस्टार’ और ‘कनकपुरा बंडा’ जैसे नामों से भी जाना जाता है। कांग्रेस के संकट के समय पार्टी को संभालने के कारण उन्हें पार्टी का संकटमोचक भी कहा जाता है।
धार्मिक आस्था भी डीके शिवकुमार की पहचान का अहम हिस्सा है। वे नियमित रूप से मंदिरों और धार्मिक स्थलों का दौरा करते हैं। सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। कनकपुरा क्षेत्र में ईसा मसीह की 114 फीट ऊंची प्रतिमा के लिए जमीन दान करने का उनका फैसला भी काफी चर्चा में रहा था।
कुल मिलाकर, डीके शिवकुमार का सफर राजनीति, कारोबार और जनाधार के अनोखे मेल की कहानी है। अब जब वे कर्नाटक की सत्ता संभालने जा रहे हैं, तो सबकी नजर इस बात पर होगी कि देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री के रूप में वे राज्य को किस दिशा में आगे ले जाते हैं।