दिन- 12 सितंबर 2025. समय - रात के 3.45 बजे. जगह - बरेली उत्तर प्रदेश. मोटर साइकिल पर दो युवक आते हैं. एक घर का चक्कर काटते हैं, फिर मकान के पास आकर 10-15 राउंड ताबड़तोड़ फायर करते हैं और फरार हो जाते हैं. बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के पुश्तैनी घर पर हुई ये पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी में कैद हो जाती है. इसके ठीक 5 दिन बाद दोनों शूटरों को गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी एरिया में ढेर कर दिया जाता है. दोनों रोहित गोदारा-गोल्डी बरार गैंग के मेंबर थे.
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश में जुर्म करने वालों का बचना मुश्किल है. दिशा पाटनी के घर फायरिंग के बाद सीएम योगी ने खुद उनके पिता जगदीश सिंह पाटनी से फोन पर बात की थी और भरोसा दिलाया था कि यूपी पुलिस अपराधियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेगी. डरने की जरूरत नहीं है. घटना के 5 दिन के अंदर योगी की पुलिस ने अपराधियों का हिसाब बराबर कर दिया. दोनों आरोपी एनकाउंटर में ढेर कर दिए गए.
बरेली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित दिशा पाटनी के विला नंबर 40 पर 12 सितंबर को जब ये फायरिंग हुई थी, उस वक्त दिशा के पिता जगदीश सिंह पाटनी (रिटायर्ड डीएसपी), मां और बहन खुशबू पाटनी घर पर मौजूद थे, लेकिन किसी को चोट नहीं लगी थी. थाना कोतवाली बरेली में मुकदमा दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी ने खुद संज्ञान लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए.
यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त टीम ने इंटेलिजेंस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों को खोज निकाला. आसपास के राज्यों के क्राइम रिकॉर्ड्स और टेक्निकल सर्विलांस से दोनों बदमाशों की पहचान की गई. नोएडा में स्पेशल टास्क फोर्स के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्रा ने कहा, "12 सितंबर को बरेली में अभिनेत्री दिशा पटानी के आवास पर गोलीबारी की गई.चूंकि गोलीबारी में शामिल अपराधियों की गतिविधि दिल्ली और हरियाणा में है, इसलिए हरियाणा एसटीएफ और काउंटर-इंटेलिजेंस दिल्ली यूनिट की मदद ली गई.दो अपराधियों की पहचान रविंदर और अरुण के रूप में हुई. जब हमने उन्हें गाजियाबाद में रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस टीमों पर गोलीबारी की। जवाबी गोलीबारी में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. कुछ पुलिस अधिकारी भी घायल हुए हैं