धार में तिरला बाईपास पर एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में करीब 7 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास घटी, जब मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया।
जानकारी के अनुसार यह घटना अब से कुछ देर पहले हुई है. पिकअप वाहन में क्षमता से अधिक, लगभग 40 से 45 मजदूर सवार बताए जा रहे हैं। वाहन पलटने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
इस भीषण हादसे में अब तक करीब 7 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। दुखद बात यह है कि मृतकों में बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
धार जिले में तिरला बाईपास पर बुधवार रात एक बेहद हृदयविदारक सड़क हादसा हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। यह दर्दनाक दुर्घटना चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास घटी, जहां मजदूरों से भरा एक पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया जा रहा है कि वाहन में बड़ी संख्या में मजदूर सवार थे, जो दिनभर काम करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और संभवतः सड़क की खराब स्थिति या चालक के नियंत्रण खो देने के कारण यह हादसा हो गया। वाहन के पलटते ही चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों ने तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। हादसे में करीब 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप वाहन काफी तेज गति में था और उसमें क्षमता से अधिक लोग सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका बढ़ गई। जैसे ही वाहन ने मोड़ लिया, वह अनियंत्रित होकर पलट गया और कई लोग उसके नीचे दब गए। इस भयावह दृश्य ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही, दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं।
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहनों में ओवरलोडिंग जैसे गंभीर मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करती है। यदि समय रहते इन पर सख्ती से अमल किया जाए, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। फिलहाल, पूरे इलाके में शोक का माहौल है और मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।