दिल्ली विस्फोट पर केंद्र के खिलाफ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की 'चुपचाप चुप्पी' वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा, "कांग्रेस अपने इतिहास से क्यों नारा लगा रही है? चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, आतंकवाद एक वैश्विक चुनौती है, हमें मिलकर इसका सामना करना चाहिए। पार्टियों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के मामले में ऐसा नहीं होना चाहिए। लोग अपनी राय दे सकते हैं, इस देश ने एक प्रधानमंत्री खो दिया है, पूरी दुनिया इंदिरा जी का सम्मान करती है, वह सरकार में रहते हुए आतंकवाद का शिकार हुईं.पूरा देश आतंकवाद के खिलाफ खड़ा था। जब बात आतंकवाद की हो तो आरोप-प्रत्यारोप नहीं हो सकते। कश्मीर देश का मुकुट है। पी चिदंबरम गृह मंत्री रह चुके हैं। मेरा अनुरोध है कि आरोप-प्रत्यारोप बंद करें, बल्कि हमें मिलकर आतंकवाद से लड़ना चाहिए।"
पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के एक बयान ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम विस्फोट (जो 10 नवंबर 2025 को हुआ था) के बाद एक बड़ा सियासी बवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने यह कहकर सरकार की आलोचना की कि भारत को दो तरह के आतंकवादियों से खतरा है: एक जो विदेश से प्रशिक्षित होकर आते हैं, और दूसरे जो देश के भीतर ही पनप रहे हैं, जिन्हें उन्होंने 'घरेलू आतंकवादी' (Home-Grown Terrorists) कहा।
चिदंबरम ने ज़ोर देकर कहा कि देश में पल रहे आतंकवादियों के मुद्दे को नजरअंदाज करना भारी पड़ेगा और इस संबंध में सरकार "गुपचुप चुप्पी" साधे हुए है, जबकि वह जानती है कि ऐसे आतंकवादी मौजूद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी कौन सी परिस्थितियाँ हैं जो भारतीय नागरिकों, यहाँ तक कि पढ़े-लिखे लोगों को भी आतंकवादी बना देती हैं। उन्होंने अपनी बात को सही साबित करने के लिए दिल्ली धमाके के मुख्य आरोपी और फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक की बरामदगी से जुड़े घटनाक्रम का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर शिक्षित पेशेवर शामिल थे।
चिदंबरम के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और बड़ा विवाद खड़ा हो गया। केंद्रीय मंत्रियों और अन्य भाजपा नेताओं ने चिदंबरम पर आतंकवादियों का समर्थन करने और उनके प्रति "नरम रुख" अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई वर्गीकरण नहीं होता और एक आतंकवादी, आतंकवादी ही होता है। चिदंबरम के पूर्व सहयोगी और अब बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने भी उन पर हमला करते हुए कहा कि शायद चिदंबरम को आतंकवाद पर 'पीएचडी' हासिल है, क्योंकि उनके गृह मंत्री रहते हुए देश में अक्सर बम धमाके होते थे। इस तरह, पूर्व गृह मंत्री के 'घरेलू आतंकवाद' वाले बयान ने देश की सुरक्षा और आतंकवाद के कारणों को लेकर एक नई और गरमागरम राजनीतिक बहस छेड़ दी।