दिल्ली में ओवरएज वाहनों को अक्तूबर तक पाबंदियों से राहत मिल गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की मंगलवार को हुई बैठक में अब पुराने वाहनों पर एक नवंबर से ईंधन पाबंदी लागू करने का फैसला लिया गया है। दिल्ली के साथ ही यह अभियान ज्यादा वाहन वाले एनसीआर के पांच अन्य जिलों में भी चलेगा। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने CAQM के फैसले को अच्छा बताया है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा- CAQM से एक बड़ी राहत मिली है। हम अब 1 नवंबर 2025 तक इस दौरान बाकी भी काम करते रहेंगे। हम इस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट और NGT का दरवाजा भी खटखटाएंगे। हम दिल्ली के लोगों को बताना चाहते हैं कि 80 हजार पुरानी कारें जो तोड़ दी गईं। उनको ओवरएज घोषित कर के खत्म कर दिया गया। मनजिंदर सिंह सिरसा ने आगे कहा- कोई नहीं जानता कि वो 80 हजार गाड़ियां कहां गईं। दिल्ली में आज तक कोई भी रजिस्टर कार स्क्रैपिंग सेंटर नहीं है। जब दिल्ली में गाड़ियों को स्क्रैप करने की कोई यूनिट नहीं लगी तो वो 80 हजार पुरानी कारें कहां गईं? AAP ने लाखों की कीमत वाली इन गाड़ियों को हजारों रुपयों में कबाड़ियों के हाथों में थमा दिया।
सिरसा ने कहा कि हम इस बात की जांच करेंगे कि इसके पीछे AAP के कौन से नेता थे। आम आदमी पार्टी ने इस पूरे प्रकरण में कितने करोड़ रुपये कमाए हैं। हम इन सबकी जांच करेंगे। यह एक बहुत बड़ी साजिश थी। इसकी कोई जरूरत नहीं थी फिर भी गाड़ियां उठाई गईं। इन गाड़ियों को कहां दिया गया इस बात की भी जांच होनी चाहिए।वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "ये एक तकलीफ जनता की थी जो पिछली सरकारों ने कभी समझी ही नहीं थी लगातार उसे अनदेखा करते हुए उन्होंने न प्रदूषण पर काम किया और न ही नीति पर काम किया। जब ये विषय CAQM ने तय किया और कोर्ट का आदेश भी इसमें शामिल था तो हमने दिल्ली की जनता की तकलीफ उनके सामने रखी और जनता के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए....मैं समझती हूं ये अच्छा कदम है..
आपको बता दें कि पेट्रोल पंपों पर एक जुलाई से लागू की गई ईंधन पाबंदी पर दिल्ली सरकार की आपत्तियों के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अपने निर्देशों में कुछ बदलाव करने को राजी हो गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की मंगलवार को हुई बैठक में अब ईंधन पाबंदी को एक नवंबर से दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू करने का फैसला लिया गया है। अब यह पाबंदी एनसीआर के पांच जिलों में भी लागू होगी।