दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, "जब से भाजपा की सरकार बनी है, रोज झूठ बोलते हैं और एक झूठ को छुपाने के लिए सौ झूठ बोले जा रहे हैं। 1 मार्च को उनकी सरकार को बने एक सप्ताह हुआ था और उनके मंत्री ने यह घोषणा कर दी कि 31 मार्च से सभी पुरानी गाड़ियों को पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया जाएगा। उसके बाद उन्होंने तारीख आगे बढ़ाकर 30 जून कर दी...जब दिल्ली की जनता ने उनके खिलाफ उनकी आलोचना करना शुरू की तो आनन-फानन में उनको वो फैसला वापस लेना पड़ा लेकिन आज जो CAQM का पत्र आया है, उससे भाजपा पूरी तरह से एक्सपोज हो गई है। CAQM की चिट्ठी में इस बात का जिक्र किया गया है कि CAQM ने इन NCR के राज्यों की सरकारों के विभागों के साथ सलाह करके ये फैसला लिया था कि 1 जुलाई से पुराने वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा। इसका मतलब है कि ये सारी सरकारें इस षड्यंत्र में शामिल थीं...CAQM ने 1 नवंबर से दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा, इन सब शहरों में (पुराने वाहनों पर) बैन लगाने के निर्देश दे दिए
दिल्ली में ओवरएज वाहनों को अक्तूबर तक पाबंदियों से राहत मिल गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की मंगलवार को हुई बैठक में अब पुराने वाहनों पर एक नवंबर से ईंधन पाबंदी लागू करने का फैसला लिया गया है। दिल्ली के साथ ही यह अभियान ज्यादा वाहन वाले एनसीआर के पांच अन्य जिलों में भी चलेगा। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने CAQM के फैसले को अच्छा बताया है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा- CAQM से एक बड़ी राहत मिली है। हम अब 1 नवंबर 2025 तक इस दौरान बाकी भी काम करते रहेंगे। हम इस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट और NGT का दरवाजा भी खटखटाएंगे। हम दिल्ली के लोगों को बताना चाहते हैं कि 80 हजार पुरानी कारें जो तोड़ दी गईं। उनको ओवरएज घोषित कर के खत्म कर दिया गया। मनजिंदर सिंह सिरसा ने आगे कहा- कोई नहीं जानता कि वो 80 हजार गाड़ियां कहां गईं। दिल्ली में आज तक कोई भी रजिस्टर कार स्क्रैपिंग सेंटर नहीं है। जब दिल्ली में गाड़ियों को स्क्रैप करने की कोई यूनिट नहीं लगी तो वो 80 हजार पुरानी कारें कहां गईं? AAP ने लाखों की कीमत वाली इन गाड़ियों को हजारों रुपयों में कबाड़ियों के हाथों में थमा दिया।