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Delhi Flood Alert Update: दिल्ली के कई इलाके बाढ़ में डूबे, बढ़ा संक्रामक बीमारियों का खतरा!

Fri, 05 Sep 2025 11:32 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

दिल्ली में भारी बारिश के बाद बाढ़ से हालात खराब हैं। यमुना के बढ़ते जलस्तर ने यमुना बाजार, गीता कॉलोनी, मजनू का टीला, कश्मीरी गेट, गढ़ी मांडू और मयूर विहार जैसे इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक 14,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। जिससे वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों तक आश्रय लेना पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना का जलस्तर 207.31 मीटर दर्ज किया गया है। हालांकि यह अभी भी खतरे के निशान 205.33 मीटर से काफी ऊपर चल रही है। मयूर विहार में इलाके इलाके जलमग्न हो गए हैं.. वहीं कांलिंदी कुंज इलाके में भीं यमुना का पानी घुस गया है . जिसके कारण कई इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए हैं. दिल्ली के पॉश इलाके में से एक सिविल लाइंस क्षेत्र में मोनेस्ट्री मार्केट में यमुना का पानी घुस गया है जिसके कारण वहां की सारी दुकानें जलमग्न हो गई हैं यमुना के बढ़े हुए जलस्तर का असर नोएडा में भी देखा गया है. नोएडा के सेक्टर 135 में भी  भारी जलभराव देखा गया है वहीं दिल्ली के वासुदेव घाट को भी यमुना ने अपने चपेट में ले लिया है.

आपको बता दें कि दिल्ली में यमुना के जलस्तर में 5 सितंबर भी गिरावट देखने को मिलेगी. कल सुबह 8 बजे यमुना का जलस्तर अभी के मुकाबले घटकर 207.30 मीटर तक पहुंचने की संभावना है. जरूरी बात ये है कि पूर्वानुमान के मुताबिक इसके बाद भी यमुना के जलस्तर में गिरावट होती रहेगी लेकिन बाढ़ के पानी में गिरावट तब आएगी जब हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में ज्यादा तेज बारिश न हो क्योंकि अगर इन राज्यों में अगर बारिश होती रहेगी तो फिर यमुना के जलस्तर में शायद ही कमी हो पाए. राजधानी दिल्ली में  बाढ़ से प्रभावित लोगों को स्वास्थ्य की चिंता सताने लगी है। संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।आपको बता दें कि बाढ़ के पानी से मच्छरों की समस्या बढ़ गई है। इसी तरह सांप भी आ गए हैं। जिसके कारण आम लोगों को आगे भी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. क्योंकि अगर बाढ़ के बाद जो संक्रामक बीमारियां फैलेंगी उससे लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ेगा ..वहीं संभागीय आयुक्त नीरज सेमवाल ने कहा, "यहां व्यवस्थाएं ठीक हैं, खाने-पीने की व्यवस्था ठीक है। डॉक्टरों की टीम यहां मौजूद है.60-70 राहत शिविर हैं... 6 ज़िलों में 10-12 हज़ार लोग प्रभावित हैं जिनके लिए व्यवस्था की गई है। मवेशियों के लिए भी व्यवस्थाएं हैं
 
हालांकि स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों की मदद में जुटा हुआ है लेकिन बाढ़ के आगे प्रशासन भी ज्यादा लोगों की मदद नहीं कर पा रहा है लेकिन फिर भी राजधानी दिल्ली के प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट मोड पर हैं और लगातार बाढ़ प्रभावित लोगों से संपर्क कर रहे हैं और उनकी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश में जुटे हुए हैं. लेकिन अब देखना ये महत्वपूर्ण होगा कि आखिर यमुना का जलस्तर आखिर कब तक में कम होता है. जिसके बाद स्थानीय लोग राहत की सांस ले पाएं.. 

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