दिल्ली इन दिनों प्रदूषण का दंश झेल रही है। दमघोंटू हवा ने राजधानी की फिजा खराब की दूसरी तरफ हाल ये रहा की दिल्ली में रविवार की सुबह लोगों की आंख धुंध और भरे प्रदूषण के साथ खुली. वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘बहुत खराब’ श्रेणी के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया. इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने रविवार को एक आपात बैठक की. इसमें दिल्ली और उसे जुड़े NCR के इलाकों की मौजूदा वायु गुणवत्ता की स्थिति और मौसम विभाग (IMD) व भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान पर चर्चा हुई. बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सुबह 10 बजे दिल्ली का औसत प्रति घंटा AQI 391 था, जो शाम 4 बजे घटकर 370 पर आ गया. शाम 5 बजे तक AQI और बेहतर होकर 365 पर पहुंच गया, जिससे यह संकेत मिला कि प्रदूषण धीरे-धीरे घट रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह सुधार हवा की दिशा और थोड़ी ठंडी हवाओं के कारण हुआ है, लेकिन स्थिति अभी भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही बनी हुई है. दसूरी तरफ दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के मुताबिक, हवा में पराली से होने वाला प्रदूषण काफी ज्यादा है खबरों की मानें तो जो की 5.38 रहा। इसके अलावा सोमवार को 1.958 फीसदी रहने की भी आशंका जताई गई। वहीं, वाहन से होने वाला प्रदूषण 14.52 फीसदी रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 370 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें शनिवार की तुलना में 9 सूचकांक की वृद्धि दर्ज की गई। IMD और IITM के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में भी दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रहने वाली है. दिल्ली प्रदूषण को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसे हालात को देखते हुए राजधानी में GRAP-3 लागू होगा?