चक्रवात दित्वाह की वजह से आई बाढ़ और भूस्खलन ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। इससे बड़े स्तर पर तबाही और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। श्रीलंका के डिजास्टर मैनेजमेंट सेंटर (डीएमसी) के मुताबिक, शनिवार सुबह 6 बजे तक 69 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कम से कम 34 लोग अब भी लापता हैं। आपदा से 61,000 परिवारों के 2 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि मध्य प्रांत के कैंडी में राहत अधिकारियों ने कहा कि वास्तविक मृत्यु संख्या इससे काफी अधिक हो सकती है, क्योंकि केवल कैंडी जिले में ही शुक्रवार देर रात तक 50 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई थीं, जिन्हें आधिकारिक तौर पर अभी सत्यापित किया जाना बाकी है। इसके अलावा मध्य पहाड़ी क्षेत्र का बंदरावेला (बडुला) जिला भी भूस्खलनों से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, जहां कई लोग लापता हैं और 35 से अधिक की मौत हो चुकी है। चक्रवात ने अधिकतर नदियों और जलाशयों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। इस स्थिति में अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।