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Congress on Mayawati Rally: अजय राय ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर साधा निशाना , दागे कई तीखे सवाल

Fri, 10 Oct 2025 01:14 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने हाल के दिनों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती के खिलाफ अपने हमलों को तेज कर दिया है। उन्होंने मायावती पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की "एजेंट" के रूप में काम करने, दलितों के मुद्दों पर चुप रहने और बसपा संस्थापक कांशीराम की विचारधारा को बेचने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

अजय राय के ये बयान विशेष रूप से कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर और मायावती द्वारा लखनऊ में आयोजित एक विशाल रैली के बाद आए हैं, जिसमें बसपा प्रमुख ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तो जमकर निशाना साधा, लेकिन बीजेपी के प्रति नरम रुख दिखाया।

अजय राय ने बार-बार यह आरोप लगाया है कि मायावती बीजेपी के इशारे पर काम कर रही हैं ताकि विपक्षी वोटों को बांटा जा सके। उन्होंने बसपा को बीजेपी की "बी टीम" करार दिया है।
लखनऊ में मायावती की हालिया रैली पर हमला बोलते हुए अजय राय ने दावा किया कि यह एक "बीजेपी द्वारा फंडेड और प्रायोजित" कार्यक्रम था। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली के लिए भीड़ जुटाने में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया, जैसे कि रोडवेज की बसें उपलब्ध कराना और डीजल भरवाना।

 कांशीराम की पुण्यतिथि के मौके पर अजय राय ने मायावती पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने कांशीराम के संघर्ष और उनकी विरासत को "बेच दिया है"। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने अपना जीवन गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित कर दिया, लेकिन मायावती ने उस विचारधारा को खत्म कर दिया है।
 राय ने दलितों और मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों के मामलों पर मायावती की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि नामक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या और बरेली तथा बहराइच में मुसलमानों के घर पर बुलडोजर चलाए जाने जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर मायावती ने एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने यह भी कहा कि जब कांग्रेस नेता दानिश अली का बीजेपी सांसद द्वारा अपमान किया गया, तब भी मायावती उनसे मिलने नहीं गईं।

अजय राय ने यह भी दावा किया कि मायावती की सक्रियता और उनकी रैली का मकसद उत्तर प्रदेश से ज्यादा बिहार विधानसभा चुनाव को प्रभावित करना है। उनका आरोप है कि यह दलित वोट बैंक को बांटकर "इंडिया" गठबंधन को कमजोर करने की एक साजिश है।

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