आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के आरक्षण पर दिए गए बयान के बाद सियासत तेज हो गई है। भागवत ने कहा कि आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए, जब तक सामाजिक असमानता खत्म नहीं हो जाती। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को आरक्षण का लाभ मिल चुका है, उन्हें उदारता दिखाते हुए इसे छोड़ने पर विचार करना चाहिए। इस बयान पर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने पलटवार करते हुए जाति आधारित जनगणना कराने और उसके आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि इससे पता चलेगा कि किस वर्ग को कितना लाभ मिला है और मंडल आयोग की बाकी सिफारिशें भी लागू की जानी चाहिए।