फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CG Naxalites Surrender: बीजापुर में 46 लाख के इनामी 12 माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, 8 महिला भी शामिल!

Fri, 06 Feb 2026 01:42 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

बीजापुर जिले में 46 लाख रुपये के इनामी 12 माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण की घटना सुरक्षा व्यवस्था और शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें 8 महिला माओवादी भी शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण न केवल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलते हालात को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि सरकार की पुनर्वास नीतियां, विकास योजनाएं और सुरक्षा बलों का सतत दबाव अब असर दिखाने लगा है। लंबे समय से माओवादी हिंसा से जूझ रहे बीजापुर और आसपास के इलाकों में यह घटना स्थानीय लोगों के लिए राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आई है।


 आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी संगठन में विभिन्न स्तरों पर सक्रिय रहे थे और उन पर कई गंभीर आपराधिक मामलों में इनाम घोषित था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई प्रतीकात्मक नहीं बल्कि ठोस उपलब्धि है। खास बात यह है कि आत्मसमर्पण करने वालों में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी इस ओर इशारा करती है कि माओवादी संगठनों के भीतर भी असंतोष, भय और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है। बताया जाता है कि लगातार सुरक्षा अभियानों, जंगलों में सख्त निगरानी, विकास कार्यों के विस्तार और आत्मसमर्पण के बाद सम्मानजनक जीवन की सरकारी गारंटी ने इन माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। 

सरकार द्वारा चलाई जा रही आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत इन्हें न केवल कानूनी सुरक्षा दी जाती है, बल्कि आवास, रोजगार, शिक्षा और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन जी सकें। इस घटना से यह भी संदेश जाता है कि बंदूक के रास्ते का कोई भविष्य नहीं है और संवाद, विकास व विश्वास ही स्थायी समाधान है। सुरक्षा बलों और प्रशासन की यह संयुक्त सफलता आने वाले समय में अन्य भटके हुए युवाओं को भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित कर सकती है। बीजापुर में हुआ यह आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक सकारात्मक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जो यह साबित करता है कि अगर सही नीति, संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ प्रयास किए जाएं तो हिंसा से ग्रस्त क्षेत्र भी शांति और विकास की ओर बढ़ सकते हैं।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें