महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। इसी कड़ी में शुक्रवार, 2 जनवरी को दोनों दलों ने मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए अपने साझा एजेंडे और प्रमुख चुनावी वादों की झलक पेश की। इस मौके पर शिवसेना यूबीटी के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे तथा मनसे नेता अमित ठाकरे ने दादर स्थित शिवसेना भवन में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुंबई के लिए “मेगा प्लान” सामने रखा।
मुंबई नगर निगम की 227 सीटों के लिए गठबंधन के उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। ऐसे में यह साझा घोषणा पत्र गठबंधन की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया कि फिलहाल बड़े वादों की रूपरेखा रखी गई है, जबकि अगले दो-तीन दिनों में विस्तृत घोषणापत्र जारी किया जाएगा।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी)-मनसे गठबंधन मुंबई की “मुंबई पहचान” की रक्षा के लिए खड़ा है और यह सुनिश्चित करेगा कि शहर पर मराठी मानुष का हक बना रहे। उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने के बाद मराठी लोगों को प्राथमिकता के आधार पर किफायती आवास उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही 700 वर्ग फुट तक के मकानों पर संपत्ति कर माफ करने की घोषणा की गई है। पुनर्विकसित इमारतों में हर फ्लैट के लिए एक पार्किंग स्लॉट अनिवार्य करने का भी वादा किया गया है।
गठबंधन ने घरेलू सहायिकाओं के लिए “स्वाभिमान निधि” योजना का ऐलान किया है। इसके तहत 21 से 65 वर्ष की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। यह योजना राज्य सरकार की ‘लड़की बहन योजना’ की तर्ज पर लागू की जाएगी। इसके अलावा गिग वर्कर्स के लिए भी राहत की घोषणा की गई है। ई-बाइक खरीदने के लिए उन्हें 25,000 रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा, जिससे डिलीवरी और अन्य सेवाओं से जुड़े युवाओं को सहूलियत मिलेगी।
आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे ने संयुक्त रूप से ऐलान किया कि दादी मीनाताई ठाकरे की याद में ‘मां साहब’ रसोईघर शुरू किए जाएंगे। इन रसोईघरों में 10 रुपये में नाश्ता और दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह योजना राज्य की ‘शिव भोजन थाली’ की तर्ज पर होगी और खासतौर पर निम्न आय वर्ग को राहत देने का दावा किया गया है।
आदित्य ठाकरे ने सत्ताधारी दल पर मुंबई के सार्वजनिक परिवहन को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन सत्ता में आया तो BEST बसों का न्यूनतम किराया फिर से घटाकर 5 रुपये किया जाएगा, जिसे मौजूदा सरकार ने बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही नई बसें और नए रूट शुरू करने का भी वादा किया गया है, ताकि मुंबईकरों को बेहतर और सस्ता परिवहन मिल सके।
शिक्षा के क्षेत्र में गठबंधन ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि बीएमसी द्वारा संचालित ‘मुंबई पब्लिक स्कूलों’ में जूनियर केजी से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी। अमित ठाकरे ने कहा कि कामकाजी माता-पिता के बच्चों के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में क्रेच (डे-केयर सेंटर) स्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा शहर में पालतू पशुओं के लिए पार्क, क्लीनिक और एम्बुलेंस सेवा शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
कुल मिलाकर, शिवसेना (यूबीटी) और मनसे का साझा घोषणापत्र मुंबई के मध्यम वर्ग, महिलाओं, कामगारों और मराठी समाज को केंद्र में रखकर तैयार किया गया नजर आता है। अब देखना होगा कि इन वादों का मुंबईकरों पर कितना असर पड़ता है और यह गठबंधन नगर निगम चुनाव में कितनी मजबूती से अपनी मौजूदगी दर्ज करा पाता है।