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Bihar New CM: आमित शाह ने बिहार के नए सीएम का पहले ही कर दिया था इशारा?

Sat, 07 Mar 2026 09:10 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। करीब दो दशक तक राज्य की सत्ता का चेहरा रहे नीतीश कुमार जल्द ही सक्रिय राज्य राजनीति से दूरी बनाकर राष्ट्रीय राजनीति की ओर रुख कर सकते हैं। उनके राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद अब अप्रैल तक वह मुख्यमंत्री पद छोड़ सकते हैं।

उनके पद छोड़ते ही करीब 20 साल बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर खुली प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। अब तक चाहे गठबंधन कोई भी रहा हो, मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार का नाम लगभग तय माना जाता था। लेकिन संभावित बदलाव के साथ ही बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने लगे हैं और सबसे ज्यादा चर्चा उन नेताओं की हो रही है जिनके बारे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कभी “बड़ा आदमी” बनाने का वादा किया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो राज्य में भारतीय जनता पार्टी की भूमिका और मजबूत हो सकती है। अब तक गठबंधन की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड का प्रभाव ज्यादा रहा, लेकिन नई परिस्थितियों में भारतीय जनता पार्टी को “बड़े भाई” की भूमिका में देखने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इसी संदर्भ में उन नेताओं की चर्चा भी तेज हो गई है, जिनके लिए अमित शाह ने अलग-अलग चुनावी सभाओं में “बड़ा आदमी” बनने की बात कही थी।

इन नामों में सबसे पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का जिक्र होता है। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उजियारपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने नित्यानंद राय को अपना “जिगरी दोस्त” बताया था।

उस दौरान शाह ने कहा था कि लोग उन्हें सांसद बनाकर दिल्ली भेजें, वह उन्हें “बड़ा आदमी” बनाएंगे। चुनाव के बाद नित्यानंद राय को केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री बनाया गया। अब बिहार में संभावित सत्ता परिवर्तन की चर्चा के बीच उनका नाम मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में भी लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ में दूसरा बड़ा नाम बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है। 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुंगेर के तारापुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने जनता से अपील की थी कि सम्राट चौधरी को भारी मतों से जिताएं और भरोसा रखें कि उन्हें “बड़ा आदमी” बनाया जाएगा।

तारापुर सीट से सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया था। इसके बाद वह राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री बने। पार्टी संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें भी मुख्यमंत्री पद के मजबूत दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है।

इन दो बड़े नामों के अलावा सीतामढ़ी से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुनील कुमार पिंटू का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में शामिल हो गया है। चुनावी सभा के दौरान अमित शाह ने उन्हें अपना खास दोस्त बताते हुए जनता से उन्हें प्रचंड बहुमत से जिताने की अपील की थी और “बड़ा आदमी” बनाने का भरोसा दिया था।

सीतामढ़ी में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार को कड़ी टक्कर देते हुए जीत दर्ज की थी। हालांकि फिलहाल उनके पास कोई बड़ा सरकारी पद नहीं है, लेकिन पार्टी के भीतर उनका कद बढ़ने की संभावना को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं।

बिहार की राजनीति में नया दौर?

अगर नीतीश कुमार वाकई राज्यसभा जाकर सक्रिय राज्य राजनीति से दूरी बनाते हैं तो बिहार की राजनीति में एक नया दौर शुरू हो सकता है।

करीब दो दशकों तक राज्य की राजनीति में एक स्थिर नेतृत्व देखने को मिला, लेकिन अब संभावित बदलाव के साथ कई नए चेहरे सामने आ सकते हैं।

फिलहाल मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी भी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह सवाल लगातार गूंज रहा है कि बिहार की सत्ता की कमान आखिर किसके हाथ में जाएगी। आने वाले महीनों में इस सस्पेंस से पर्दा उठने की उम्मीद है।
 

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