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Bihar Election Results 2025: आरके सिंह पर बीजेपी ने की कार्रवाई, पार्टी से किया निलंबित

Sat, 15 Nov 2025 02:44 PM IST
अभिलाषा पाठक वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। शानदार जीत के बाद अगले दिन ही पार्टी ने अंदर बैठे विरोधियों पर बड़ी कार्रवाई की है। बीजेपी ने बिहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री समेत 3 बड़े नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। बीजेपी ने बताया कि यह कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियां करने के लिए की गई है। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और नौकरशाह आर के सिंह हाल ही में अपने बयानों को लेकर चर्चा में थे। एक बयान में उन्होंने नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। सरकार पर 62 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था। वहीं एक बार आर के सिंह ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को हत्यारा बताया था। इससे बीजेपी के साथ ही जेडीयू की छवि खराब हुई थी। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पूरे समय आरके सिंह कहीं भी न तो पार्टी के प्रचार में नजर आए और न ही बीजेपी के समर्थन में कोई बयान दिया।

उल्टे चुनावी कैंपेन के दौरान कई मौकों पर पार्टी नेताओं के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। एकाध बार तो उन्होंने प्रशांत किशोर के बयानों का भी समर्थन किया। चुनाव के दौरान आर के सिंह के बयानों से बीजेपी बहुत ज्यादा असहज हो गई थी।आर के सिंह साल 2013 में बीजेपी में शामिल हुए थे।बीजेपी हाईकमान का मानना है कि हालिया राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आर.के. सिंह के बयान पार्टी लाइन से मेल नहीं खाते थे, जिसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाया गया।सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने राज्य इकाई को भी निर्देश जारी किए हैं कि चुनाव के बाद संगठनात्मक अनुशासन पर और सख्ती बरती जाए।आर.के. सिंह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और बिहार की राजनीति में बड़ा चेहरा माने जाते हैं। उनके सस्पेंशन के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी आगे और भी बड़े कदम उठा सकती है।बीजेपी हाईकमान का मानना है कि हालिया राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आर.के. सिंह के बयान पार्टी लाइन से मेल नहीं खाते थे, जिसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाया गया।सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने राज्य इकाई को भी निर्देश जारी किए हैं कि चुनाव के बाद संगठनात्मक अनुशासन पर और सख्ती बरती जाए।

आर.के. सिंह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और बिहार की राजनीति में बड़ा चेहरा माने जाते हैं। उनके सस्पेंशन के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी आगे और भी बड़े कदम उठा सकती है।बीजेपी हाईकमान का मानना है कि हालिया राजनीतिक परिस्थितियों के बीच आर.के. सिंह के बयान पार्टी लाइन से मेल नहीं खाते थे, जिसके बाद उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाया गया।सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने राज्य इकाई को भी निर्देश जारी किए हैं कि चुनाव के बाद संगठनात्मक अनुशासन पर और सख्ती बरती जाए।आर.के. सिंह केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं और बिहार की राजनीति में बड़ा चेहरा माने जाते हैं। उनके सस्पेंशन के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि पार्टी आगे और भी बड़े कदम उठा सकती है।बीजेपी को ये डर भी था कि राजपूत चेहरे का ये बगावती तेवर कहीं पार्टी के शाहाबाद रेंज के अलावा बाकी क्षत्रिय वोटों को नुकसान न पहुंचा दे। इसीलिए BJP ने चुनाव से पहले पवन सिंह को अपने पाले में कर आरके सिंह की बगावत पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश की। नतीजा बीजेपी के पक्ष में ही गया। लेकिन कल की काउंटिंग में मिली बंपर जीत के बाद ये तय हो गया था कि अब बीजेपी अपने बागी नेताओं को नहीं बख्शने वाली। इसकी शुरुआत आरके सिंह से हो चुकी है।

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